तारिक खान, ब्यूरो चीफ, रायसेन (मप्र), NIT:

भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को जिलेभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही घरों में पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर आरती उतारी और उनकी कलाई पर प्रेम व विश्वास की राखी बांधी। भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट कर हर सुख-दुख में साथ निभाने और उनकी रक्षा का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन को लेकर पिछले कई दिनों से शहर के बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों के साथ मिठाइयों व उपहारों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। बच्चों में भी पर्व को लेकर विशेष उत्साह रहा। दूर रहने वाले कई भाई-बहन भी रक्षाबंधन पर अपने परिवार के बीच पहुंचे।
सुबह 9:48 बजे तक पूर्णिमा तिथि
पंचांग के अनुसार इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रही। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार रक्षाबंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो चुकी थी। मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों में स्थानीय गणना के कारण राखी बांधने के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। स्थानीय पंचांगों में सुबह से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय शुभ बताया गया है।
प्रेम और विश्वास का प्रतीक है रक्षाबंधन
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और मजबूत रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन बहनें भाइयों की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं, वहीं भाई बहनों की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ निभाने का संकल्प लेते हैं। जिलेभर में घर-घर राखी की खुशियां और मिठास नजर आ रही है।
