नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र में बीजेपी की बुनियाद रखने वाले प्रमुख नेताओं में शुमार पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे के जन्म दिन पर केंद्र और राज्य सरकार से अनेक मंत्री और विपक्ष के बड़े-बड़े नेता 30 अगस्त को जलगांव पधार रहे है। एनसीपी प्रमुख शरदचंद्र पवार ने एकनाथ खडसे के अमृत महोत्सव कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति को पार्टी संगठन से जोड़कर महाराष्ट्र में विधानसभा के मध्यावधि चुनाव की ओर इशारा कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक शरद पवार ने जलगांव की 11 में से 07 विधानसभा सीटों का जायज़ा लिया है। शेष 04 सीटें शिवसेना उद्धव ठाकरे के खाते में जा सकती है।

1995 में एकनाथ खडसे ने शिवसेना को भुसावल की सीट दे कर जामनेर की सीट बीजेपी के पाले में ले ली थी। इसी सीट से मंत्री गिरीश महाजन अब तक सात बार विधायक चुने गए हैं। 2004 के बाद जामनेर सीट पर बीजेपी की जीत में हिन्दुत्ववादी वोट निर्णायक भूमिका निभाते आ रहे हैं। विवेकवादी विचारों को मानने वाला बड़ा वर्ग एनसीपी का वोटर है जो प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे के पोते उद्धव ठाकरे की धर्म निरपेक्ष हिंदू धारा के प्रति भी प्रेम भावना रखता है।
बीजेपी के तर्कशील हिंदुत्ववादी वोटर्स उद्धव ठाकरे की शिवसेना को अपील करने के मूड में नज़र आ रहा है। जानकारों की राय है कि महाविकास आघाड़ी के सीट शेयरिंग में अगर ये सीट शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे को मिलती है और एनसीपी के दिलीप खोड़पे को शिवसेना के टिकट पर लड़वाया जाता है तो बीजेपी के सामने तगड़ी चुनौती पेश हो सकती है। महाविकास आघाड़ी में शामिल कांग्रेस को कांग्रेस के नेताओं ने जलगांव के कांग्रेस भवन तक सीमित कर रखा है। जलगांव में बीजेपी के 05 , एकनाथ शिंदे के 05 , अजीत पवार का 01 विधायक हैं।
