हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

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राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन में कथित रूप से बिना बिल के रखी लाखों रुपये की निजी दवाओं का जखीरा मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। शिकायतों के आधार पर तहसील प्रशासन और राजगढ़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बंद कमरे में रखी दवाओं को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि आदिवासी क्षेत्र में संचालित राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले गरीब मरीजों को कथित तौर पर सरकारी दवाओं के बजाय बाहर से निजी दवाएं खरीदने के लिए विवश किया जाता था। अस्पताल प्रभारी के खिलाफ लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें मिलने की बात सामने आई है।
शिकायतों की जांच के दौरान नायब तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने राजगढ़ थाना पुलिस के साथ अस्पताल के पुराने भवन में छापा मारा। यहां एक बंद कमरे में बड़ी मात्रा में निजी दवाएं रखी मिलीं। प्रशासन ने दवाओं को कब्जे में लेकर उनके संबंध में दस्तावेज और बिल आदि की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप सामने आए हैं कि अस्पताल में लंबे समय से तैनात चिकित्सक द्वारा सरकारी आवास में निजी क्लिनिक संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासन की अचानक हुई कार्रवाई से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। अब जब्त दवाओं की कीमत, उनकी वैधता और अस्पताल परिसर में उनके रखे जाने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासनिक जांच के बाद संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की संभावना है।

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