ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

अकोट शहर के अंजनगांव मार्ग की बदहाल और तेज रफ्तार यातायात व्यवस्था के कारण आए दिन हादसे होने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से इस मार्ग पर कई बच्चे, बुजुर्ग और युवा दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि कुछ परिवारों ने अपने अपनों को भी खोया है।इसी कड़ी में एक गरीब परिवार का बेटा अंजनगांव मार्ग पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है। हादसे में युवक के एक पैर में फ्रैक्चर हुआ है और सिर पर 30 से अधिक टांके लगाए गए हैं। परिवार की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के समाजसेवक शिवा भाऊ ने आर्थिक सहायता प्रदान की।

इसी कड़ी में एक गरीब परिवार का बेटा अंजनगांव मार्ग पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है। हादसे में युवक के एक पैर में फ्रैक्चर हुआ है और सिर पर 30 से अधिक टांके लगाए गए हैं। परिवार की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के समाजसेवक शिवा भाऊ ने आर्थिक सहायता प्रदान की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार के साथ जो घटना हुई, वह किसी अन्य परिवार के साथ न हो, इसी उद्देश्य से शिवा भाऊ ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ उपविभागीय कार्यकारी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को ज्ञापन सौंपकर अंजनगांव मार्ग पर जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की।
ज्ञापन के दौरान चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही स्पीड ब्रेकर नहीं लगाए गए तो बड़े पैमाने पर सड़क खोदकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के दौरान बताया गया कि ज्ञापन जिला प्रशासन को भेजा जाएगा और उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का सवाल है कि किसी की जान जाने या गंभीर रूप से घायल होने के बाद ही प्रशासन हरकत में क्यों आता है? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी परिवार का चिराग न बुझने पाए।
पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नागरिकों ने प्रशासन से मानवीय आधार पर भी मदद की मांग की है। साथ ही अंजनगांव मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, स्पीड ब्रेकर और आवश्यक यातायात नियंत्रण व्यवस्था जल्द लागू करने की मांग उठाई है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और अंजनगांव मार्ग पर हादसों को रोकने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं। इस पर अकोट शहरवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
