साबिर खान, झज्जर/गुरुग्राम (हरियाणा), NIT:

झज्जर जिले के बादली थाना क्षेत्र के मुंडाखेड़ा गांव में तीन दलित मजदूरों के साथ कथित मारपीट, बंधक बनाने और अमानवीय व्यवहार के मामले में पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मी समेत दबंगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि चोरी का झूठा आरोप लगाकर मजदूरों के साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें थूक तथा जूते-चप्पल चटाने जैसी घृणित हरकत की गई। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दबिश शुरू कर दी है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी और वर्तमान में गुरुग्राम के राजेंद्र पार्क में रह रहे वीरेश जाटव, मुकेश जाटव और रजनीश जाटव ने घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर अपहरण, बंधक बनाकर रखने, मारपीट, फिरौती मांगने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और अनुसूचित जाति के लोगों के साथ घृणित व्यवहार सहित संबंधित धाराओं में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
भीम सेना के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई तेज़

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर के संज्ञान में आया। पीड़ितों की ओर से 17 अगस्त को ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजे जाने के बाद पुलिस ने 19 अगस्त को दोबारा लिखित शिकायत लेकर देर रात एफआईआर दर्ज की। पीड़ितों का सामान्य अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
मेडिकल परीक्षण के बाद पीड़ितों को आधी रात के समय अकेला छोड़ दिए जाने का आरोप है। इस दौरान भीम सेना की प्रतिनिधि खुशी राजपूत उनके साथ मौजूद थीं।
पीछा किए जाने की सूचना पर झज्जर पहुंचे सतपाल तंवर
खुशी राजपूत ने आरोप लगाया कि मेडिकल के बाद कुछ संदिग्ध लोग उनका पीछा कर रहे थे। इसकी सूचना पुलिस को देने के बावजूद अपेक्षित मदद नहीं मिलने पर उन्होंने सतपाल तंवर को फोन किया। इसके बाद तंवर स्वयं झज्जर पहुंचे और पीड़ित मजदूरों तथा अपनी प्रतिनिधि को सुरक्षित गुरुग्राम लेकर गए।
इस दौरान सतपाल तंवर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोपियों को खुली चेतावनी भी दी। उनके इस कदम की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।
आरोपी पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप
मामले में आरोपी पुलिसकर्मी सुरेंद्र पर पीड़ितों को कथित तौर पर थर्ड डिग्री देने, मारपीट करने, जूते-चप्पल चटवाने, जमीन पर थूककर उसे चटवाने, जातिसूचक शब्दों और गाली-गलौज से अपमानित करने तथा रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए हैं। घटना सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने उसे सेवा से हटा दिया था। अब वह गिरफ्तारी के डर से फरार बताया जा रहा है।
आरोपी परिवार के सदस्य भी फरार


पुलिस के अनुसार, मुंडाखेड़ा निवासी भूप सिंह जाट, उसके बेटे उत्तम जाट और पारस जाट सहित परिवार की तीन महिला सदस्यों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर की जानकारी मिलने के बाद इनके गांव से फरार होने की बात सामने आई है। आरोप है कि पीड़ितों पर समझौते के लिए दबाव बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
भीम सेना ने वापस लिया झज्जर बंद का आह्वान
भीम सेना प्रमुख एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) के सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम बयान जारी कर प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। कार्रवाई नहीं होने पर झज्जर बंद की चेतावनी दी गई थी।
पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू किए जाने के बाद भीम सेना ने झज्जर बंद का आह्वान वापस ले लिया।
डीसीपी बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। पुलिस पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है। घटना की जानकारी मिलते ही आरोपी पुलिसकर्मी सुरेंद्र को सेवा से हटा दिया गया था। लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अपराध शाखा की कई टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है।

