ताहिर मिर्ज़ा, उमरखेड़/यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

रबीउल अव्वल के अवसर पर उमरखेड़ शहर के A-1 फंक्शन हॉल में IYF संगठन की ओर से हिजामा कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में करीब 280 लोगों ने सहभागिता की और हिजामा उपचार का लाभ लिया।
हिजामा एक पारंपरिक उपचार पद्धति है, जिसका उल्लेख इस्लामी परंपरा में मिलता है। आयोजकों के अनुसार, पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दौर से हिजामा की पद्धति प्रचलित रही है और आज भी कई लोग इसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए अपनाते हैं।
कैंप को सफल बनाने में साबिर कुरैशी, अकील खान, सज्जाद शेख, सैयद जैद, शादाब शेख सहित IYF के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने कैंप में पहुंचकर हिजामा करवाया।
