उमरखेड़ नगर परिषद के कामकाज पर विपक्ष के आरोप निराधार: रसूल पटेल | New India Times

ताहिर मिर्ज़ा, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

नगर परिषद के पारदर्शी और गतिशील कामकाज के खिलाफ विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक निराशा से उपजे हैं और इनका उद्देश्य जनता को गुमराह करना है। यह बात शिक्षा समिति के सभापति रसूल पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।

सत्ताधारी जनशक्ति आघाड़ी ने विपक्ष के ‘त्रिमूर्ति सरकार’ के मनमाने कामकाज के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर परिषद की सभी समितियां, महिला अध्यक्ष और पार्षद शहर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा कानूनी दायरे में रहकर आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं।

शिक्षक भर्ती को लेकर पटेल ने कहा कि नगर परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले 4,127 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अनुबंध और मानदेय के आधार पर शिक्षकों की भर्ती की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। वर्ष 2017-18 और 2018-19 में भी प्रस्ताव और बजटीय प्रावधान के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती की गई थी। इसके अलावा प्रशासक के कार्यकाल में ₹70 लाख की औपचारिक मंजूरी भी दी गई थी। इसका संदर्भ क्रमांक NMC/Administrator/Approval/294/2024-25, दिनांक 07 जून 2024 है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए आमसभा का प्रस्ताव और बजटीय प्रावधान भी मौजूद है। पटेल के अनुसार, विपक्ष के नेता विजय हरदपाकर ने 12 अगस्त 2026 को पत्र देकर शिक्षकों की तत्काल भर्ती की मांग की थी, लेकिन अब इसी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाना विरोधाभासी है।

नगर परिषद के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड और सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर उन्होंने कहा कि यह फंड का दुरुपयोग नहीं, बल्कि स्कूलों के डिजिटलीकरण और सुरक्षा की दिशा में किया जा रहा कार्य है।

पेयजल व्यवस्था और ₹17 करोड़ के फंड को लेकर पटेल ने कहा कि शहर में नियमित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीन और फिटकरी का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपयोग किया जाता है। उन्होंने गंदे पानी की आपूर्ति के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि ईसापुर-उमरखेड़ जल आपूर्ति योजना के लिए रुका हुआ ₹17 करोड़ का फंड प्राप्त कर लिया गया है और योजना का काम दोबारा शुरू हो गया है। जल आपूर्ति समिति की सभापति स्वयं व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं।

साफ-सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उन्होंने बताया कि ‘लेडी नाला’ सहित प्रमुख नालियों की लंबे समय से जमा गाद को निकालकर सफाई कराई गई है। फॉगिंग मशीनों के उपयोग और सफाई निरीक्षकों की बेहतर योजना के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है।

₹50 करोड़ के विकास कार्यों को लेकर उन्होंने कहा कि सड़क और निर्माण से संबंधित सभी कार्य सरकारी नियमों तथा पारदर्शी ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं। शहर में करीब ₹50 करोड़ के विकास कार्य वर्तमान में जारी हैं।

पटेल ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि पर्चे बांटकर किया जा रहा प्रचार जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने उमरखेड़ के दलित समुदाय के लिए नगर परिषद को मिलने वाले ‘दलित बस्ती’ फंड को महागांव नगर पंचायत में स्थानांतरित किया था।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास विकास का कोई ठोस एजेंडा नहीं है और केवल प्रचार के लिए जिलाधिकारी के पास शिकायतें की जा रही हैं। नगर परिषद शहर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जनता को गुमराह करने के प्रयास सफल नहीं होंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा समिति के सभापति रसूल पटेल, स्वास्थ्य समिति के सभापति वीरेंद्र खंडारे, उपाध्यक्ष जुबैर कुरैशी सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version