मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (म.प्र.), NIT:
मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ताला थाना क्षेत्र के समीप ग्राम भंड़रा में विगत सैकड़ों वर्षों से कबीरपंथी मंदिर एवं आश्रम स्थित है। कबीरपंथी श्रद्धालुओं के अनुसार यहां वर्षों से नागपंचमी और बसंत पंचमी के अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, जिनमें हजारों की संख्या में कबीरपंथी श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय लोग शामिल होते थे।

बताया जा रहा है कि कबीरपंथी मंदिर एवं आश्रम लगभग एक एकड़ भूमि में स्थित है, जबकि आश्रम की देखरेख एवं व्यवस्थाओं के लिए करीब 15 एकड़ भूमि कबीरपंथी भक्तों द्वारा दान की गई थी। उक्त आश्रम मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले स्थित कबीरपंथी ट्रस्ट से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी ट्रस्ट के तहत पिछले करीब 5-6 वर्षों से कबीरपंथी मंजीत को आश्रम की जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात सामने आ रही है।

आरोप है कि उक्त भूमि से प्रतिवर्ष करीब 10 लाख रुपये की आमदनी होती है, जिसका उचित उपयोग आश्रम की व्यवस्थाओं में नहीं किया जा रहा है। साथ ही, आश्रम के जिम्मेदार व्यक्ति के कभी-कभार ही यहां आने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित होने का भी आरोप लगाया जा रहा है।बताया गया कि इस वर्ष नागपंचमी के अवसर पर आश्रम में कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया और आश्रम में ताला लगा दिया गया। इसके बाद कबीरपंथी श्रद्धालुओं द्वारा 14 अगस्त 2026 को थाना ताला, उप तहसील ताला एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अमरपाटन के समक्ष शिकायत एवं आवेदन प्रस्तुत कर नागपंचमी का आयोजन करवाए जाने की मांग की गई। आरोप है कि समय रहते शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कबीरपंथी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रीय लोगों ने गांव के एक निजी मकान में धार्मिक आयोजन संपन्न कराया।

बताया गया कि इस वर्ष नागपंचमी के अवसर पर आश्रम में कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया और आश्रम में ताला लगा दिया गया। इसके बाद कबीरपंथी श्रद्धालुओं द्वारा 14 अगस्त 2026 को थाना ताला, उप तहसील ताला एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अमरपाटन के समक्ष शिकायत एवं आवेदन प्रस्तुत कर नागपंचमी का आयोजन करवाए जाने की मांग की गई। आरोप है कि समय रहते शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कबीरपंथी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रीय लोगों ने गांव के एक निजी मकान में धार्मिक आयोजन संपन्न कराया।

वहीं, श्रद्धालुओं का आरोप है कि कबीरपंथी मंजीत ने आश्रम से जुड़ी संपत्तियों को अपने नाम करा लिया है और उन्हें बेचकर यहां से चले जाने की तैयारी में है। श्रद्धालुओं का यह भी आरोप है कि उन्हें आयोजन नहीं करने देने तथा संपत्ति बेचकर चले जाने की धमकी दी जा रही है।इन आरोपों के चलते कबीरपंथी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। श्रद्धालुओं ने शासन-प्रशासन से मामले की जांच कराने तथा आश्रम एवं उससे जुड़ी संपत्तियों को प्रशासन की निगरानी में रखे जाने की मांग की है।

इन आरोपों के चलते कबीरपंथी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। श्रद्धालुओं ने शासन-प्रशासन से मामले की जांच कराने तथा आश्रम एवं उससे जुड़ी संपत्तियों को प्रशासन की निगरानी में रखे जाने की मांग की है।मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।
