13वें दिन स्थगित हुआ शहीद ठाकुर रोशन सिंह कीर्ति रक्षा आंदोलन, आठ सूत्रीय मांगों पर शासन ने दिया आश्वासन | New India Times

अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

13वें दिन स्थगित हुआ शहीद ठाकुर रोशन सिंह कीर्ति रक्षा आंदोलन, आठ सूत्रीय मांगों पर शासन ने दिया आश्वासन | New India Times

अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह की कीर्ति एवं विरासत की रक्षा को लेकर महुआ डाबर संग्रहालय के तत्वावधान में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 13वें दिन शासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। उत्तर प्रदेश शासन के प्रतिनिधि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह वार्ता के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक एवं क्रांतिकारी शहीद वंशज डॉ. शाह आलम राना से वार्ता की।
वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों ने शहीद ठाकुर रोशन सिंह से जुड़ी आठ सूत्रीय मांगों को शासन के समक्ष रखा। सिद्धार्थनाथ सिंह ने मांगों को पूरा कराने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में मंडलीय चिकित्सालय ‘स्वरूप रानी नेहरू’ का नाम बदलकर ‘अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चिकित्सालय’ करने, शहीद ठाकुर रोशन सिंह पार्क एवं प्रतिमा स्थल का संरक्षण करने तथा उससे जुड़ी ऐतिहासिक त्रुटियों को दूर करने की मांग शामिल है। इसके अलावा सिविल लाइन्स चौराहे का नाम ‘अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चौराहा’ करने की मांग भी रखी गई।
आंदोलनकारियों ने 19 दिसंबर 2026 से शुरू होने वाले बलिदान शताब्दी वर्ष के अवसर पर राजकीय कार्यक्रम आयोजित करने और शस्त्र सलामी देने, मंडलीय चिकित्सालय को आधुनिक एवं आदर्श चिकित्सालय के रूप में विकसित करने तथा मलाका जेल से संबंधित प्रमाणिक दस्तावेजों के आधार पर शोध ग्रंथ प्रकाशित कराने की मांग की।
इसके साथ ही शहीद प्रतिमा स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल को स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में शामिल कर उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर दर्ज कराने की मांग भी प्रमुख रही।
शासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद 13वें दिन अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया गया। धरने के संयोजक डॉ. अवनीश सिंह ने आंदोलन में सहयोग देने वाले सभी साथियों और समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके संघर्ष को याद किया।

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