मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शेण्डे एवं एसडीओपी नेपानगर श्री सुरेश महाले के मार्गदर्शन में जिला पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण, क्रय-विक्रय एवं परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना खकनार पुलिस को अवैध हथियार तस्करी के मामले में एक और सफलता मिली है।
थाना खकनार पुलिस द्वारा वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में कुल 31 प्रकरण दर्ज कर 63 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा अब तक कुल 172 देशी हस्तनिर्मित पिस्टल, 45 जिंदा कारतूस तथा हथियार निर्माण करने वाली फैक्ट्रियां जब्त की गई हैं।
घटना का विवरण
दिनांक 13 अगस्त 2026 को थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि खोखरी नदी पुलिया के पास ग्राम तुकईथड़ में दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर बैठे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी।
पुलिस ने मौके से एक विधि-विरुद्ध बालक को पकड़ा, जिसके कब्जे से 02 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपये तथा एक मोटरसाइकिल, जिसकी कीमत करीब 54 हजार रुपये है, विधिवत जब्त की गई। जब्त मशरूका की कुल कीमत 1 लाख 4 हजार रुपये बताई गई है।
मौके से उसके साथी को भी घेराबंदी कर पकड़ा गया। उसने अपना नाम अकबारसिंह पिता दादरसिंह बरनाला, जाति सिकलीगर, उम्र 65 वर्ष, निवासी पाचौरी बताया।
विधि-विरुद्ध बालक एवं आरोपी अकबारसिंह के विरुद्ध थाना खकनार में अपराध क्रमांक 383/2026, धारा 25(1-B)(a) आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा आरोपियों से अवैध हथियारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
आरोपियों का विवरण
1. अकबारसिंह पिता दादरसिंह बरनाला, जाति सिकलीगर, उम्र 65 वर्ष, निवासी पाचौरी।
2. विधि-विरुद्ध बालक, निवासी पाचौरी।
जब्त सामग्री
– 02 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल
– 01 मोटरसाइकिल
– कुल जब्त मशरूका की कीमत: ₹1,04,000
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक अभिषेक जाधव, उपनिरीक्षक मनीष पटेल, सहायक उपनिरीक्षक पवन देशमुख, प्रधान आरक्षक अजय बारुले, प्रधान आरक्षक विक्रम चौहान, प्रधान आरक्षक सतीश सूर्यवंशी, प्रधान आरक्षक अजय अजनारे, प्रधान आरक्षक संदीप सिंह सोलंकी, प्रधान आरक्षक चालक रुपेश शर्मा, आरक्षक दुर्गेश पटेल (सायबर सेल), शक्तिसिंह (सायबर सेल), जितेंद्र चौहान, राकेश डाबर, सबल देवड़ा, अमन अग्रवाल, खुमसिंह नार्वे एवं आयुष पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
