संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार मानते हुए जरूरतमंद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS) द्वारा सिंधिया नगर स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में निःशुल्क कोचिंग का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने किया।
इस अवसर पर कुलदीप सिंह, श्याम बाबू हंसपुरिया (निज सहायक, पुलिस अधीक्षक, एजेके, चंबल जोन) एवं रविंद्र कुमार मौर्य विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उद्घाटन कार्यक्रम में श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने बच्चों से संवाद करते हुए उनसे प्रश्न-उत्तर किए और जाना कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। बातचीत के दौरान बच्चों ने अपने-अपने भविष्य के लक्ष्य स्पष्ट रूप से बताए। बच्चों की सोच और उनके सपनों को देखकर श्री निमराजे ने कहा कि इन विद्यार्थियों में प्रतिभा के साथ-साथ अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट दिशा भी है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मार्गदर्शन देकर उस दिशा में आगे बढ़ाने की है।
उन्होंने कहा कि निःशुल्क कोचिंग का उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उनकी रुचि, क्षमता और लक्ष्य को समझकर उन्हें सही दिशा प्रदान करना है। नियमित अध्ययन, अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के माध्यम से विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
श्री निमराजे ने विद्यार्थियों को सावित्रीबाई फुले एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दोनों महान व्यक्तित्वों ने विषम परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा को परिवर्तन का माध्यम बनाया और अपने संघर्ष से समाज को नई दिशा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, शिक्षा, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के बल पर जीवन की दिशा बदली जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान गोपाल किरन समाजसेवी संस्था की ओर से उपस्थित सभी बच्चों को स्टेशनरी किट वितरित की गई। अध्ययन सामग्री पाकर बच्चों में उत्साह दिखाई दिया। संस्था की ओर से कहा गया कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए ऐसे प्रयास भविष्य में भी जारी रखे जाएंगे।
कार्यक्रम में रवी राजोरिया, राहुल कुमार, विनोद कुमार जाटव, करतार सिंह, कुसमा आदिवासी, प्यार बाई आदिवासी, भगवती प्रसाद जाटव, रामनिवास बघेल, रवि कुमार आदिवासी, अमर सिंह आदिवासी, राजेश जाटव, श्याम भाई, राखी आदिवासी, रामबाई आदिवासी, उषा आदिवासी सहित विद्यार्थी, अभिभावक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह पैदा करने के साथ-साथ उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति गंभीरता से आगे बढ़ने का संदेश दिया। संस्था की यह पहल शिक्षा के माध्यम से समान अवसर, आत्मविश्वास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
