मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रमुख ‘ग्रीन प्रोजेक्ट’ CM GRID योजना के तहत शहरी सड़क विकास के लिए बनाई जा रही शाहजहांपुर नगर निगम की महंगी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से संकटमोचन मंदिर से लिवाज टेलर तक लगभग 400 मीटर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण के कुछ ही महीनों बाद सड़क के बीच-बीच में दरारें दिखाई देने लगी हैं। अब इन दरारों के स्थान पर जगह-जगह पैच लगाए जा रहे हैं।
सड़क पर आई दरारों और हो रही पैचिंग ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी CM GRID योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है और कुछ ही महीनों में उसमें दरारें दिखाई देने लगी हैं, तो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मामले की जानकारी मिलने पर महापौर अर्चना वर्मा मौके पर पहुंचीं और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। सड़क की स्थिति देखकर उन्होंने नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के प्रति नाराजगी जताई। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने तथा किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रही इस सड़क में इतनी जल्दी दरारें कैसे आ गईं? क्या निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया गया था? यदि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप किया गया था, तो कुछ ही महीनों में जगह-जगह पैचिंग की आवश्यकता क्यों पड़ गई?
स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
