पत्रकारों की मांगों पर सूचना निदेशक का बड़ा फैसला, जिला मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की दोबारा एलआईयू जांच नहीं होगी | New India Times

अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जिला मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की दोबारा एलआईयू जांच नहीं कराई जाएगी। यह निर्णय उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के साथ आयोजित समन्वय बैठक में लिया गया।

निदेशालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी की अध्यक्षता में पत्रकारों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। निदेशक विशाल सिंह ने अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्रा को सभी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनका शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।

इस संबंध में बृज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल कांत उपमन्यु ने उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी से वार्ता कर अपना विरोध पत्र सौंपा था। इसके अलावा कई अन्य जिलों के पत्रकारों ने भी इस मामले में समिति के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी।

जिला मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की दोबारा एलआईयू जांच के प्रकरण को समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी और सचिव भारत सिंह द्वारा उठाए जाने का संज्ञान लेते हुए निदेशक ने संबंधित आदेश को शीघ्र निरस्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में समिति के सचिव भारत सिंह ने पत्रकारों के हितों से संबंधित मांगों का पत्र क्रमवार प्रस्तुत किया। समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने प्रत्येक मांग के संबंध में निदेशक को विस्तार से अवगत कराते हुए उनके शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।

समिति द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में 58 वर्ष की आयु में पत्रकारों को पेंशन की सुविधा, जिला मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की दोबारा एलआईयू जांच नहीं कराने, पत्रकारों के लिए प्लॉट, आवास एवं फ्लैट आवंटन की व्यवस्था, राज्य एवं जिला मुख्यालय के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु तक पहुंचने पर उनकी मान्यता को स्वतः वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पत्रकार की श्रेणी में स्थानांतरित करने, मान्यता से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए मान्यता समिति का गठन, दारुलशफा स्थित ए-ब्लॉक में फोटोग्राफरों के कार्यालय से संबंधित बकाया राशि का भुगतान तथा पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड के कैंप आयोजित कराने की मांग शामिल रही।

इसके अलावा चिकित्सा सुविधाओं के लिए कैशलेस कार्ड बनवाने, एसजीपीजीआई में पत्रकारों के लिए चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने, चिकित्सा सहायता की सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने, स्वतंत्र एवं वरिष्ठ पत्रकारों तथा फोटो जर्नलिस्टों से नियमित रूप से समाचार, आलेख एवं फोटो सामग्री प्राप्त कर सरकारी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित करने तथा इसके लिए उचित पारिश्रमिक दिए जाने की मांग भी रखी गई।

समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सम्मान से जुड़ी मांगों का समयबद्ध समाधान आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग स्तर पर सभी मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

समिति के सचिव भारत सिंह ने कहा कि सभी मांगें पत्रकारों के व्यापक हित से जुड़ी हैं। इनका उद्देश्य राज्य एवं जिला मुख्यालय के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को बेहतर सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

सूचना विभाग द्वारा आयोजित समन्वय बैठक में अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्रा, सहायक निदेशक अमित यादव, वित्त नियंत्रक संजय सिंह, समिति के पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष आकाश शेखर शर्मा, अविनाश मिश्रा, राघवेन्द्र त्रिपाठी, संयुक्त सचिव विजय कुमार त्रिपाठी एवं अनिल सैनी, कार्यकारिणी सदस्य रीतेश सिंह, अब्दुल वहीद, रेनू निगम, वेद प्रकाश दीक्षित, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नवेद शिकोह, सत्येंद्र कुमार राय समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version