वाह रे भोपाल के कब्रिस्तानों का संरक्षण! बारिश में बड़ा बाग कब्रिस्तान बना जलभराव का शिकार, जनाज़ा ले जाना हुआ दुश्वार | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

वाह रे भोपाल के कब्रिस्तानों का संरक्षण! बारिश में बड़ा बाग कब्रिस्तान बना जलभराव का शिकार, जनाज़ा ले जाना हुआ दुश्वार | New India Times

भोपाल में हुई तेज बारिश ने शहर की बदहाल व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। शहर के कई इलाकों में जलभराव के बाद अब कब्रिस्तानों की स्थिति भी चिंता का विषय बन गई है। शहर के प्रमुख बड़ा बाग कब्रिस्तान में बारिश का पानी भर जाने से जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाने में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कब्रिस्तान के अंदर जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण जगह-जगह पानी जमा हो गया है।

वाह रे भोपाल के कब्रिस्तानों का संरक्षण! बारिश में बड़ा बाग कब्रिस्तान बना जलभराव का शिकार, जनाज़ा ले जाना हुआ दुश्वार | New India Times


भोपाल कौमी खिदमतगार हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने शहर के कब्रिस्तानों की बदहाली पर चिंता जताते हुए कब्रिस्तान सुरक्षा समितियों और संबंधित जिम्मेदारों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि महज एक रात की बारिश ने कब्रिस्तानों में किए गए इंतजामों की वास्तविक स्थिति सामने ला दी है। बड़ा बाग जैसे शहर के प्रमुख कब्रिस्तान में यदि बारिश के बाद जनाजा ले जाने तक में परेशानी हो रही है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

हाजी इमरान हारून का कहना है कि बारिश का पानी कब्रिस्तान के अंदर जमा होने के साथ-साथ कब्रों तक पहुंचने की स्थिति में आ जाता है। इससे न केवल जनाजे के रास्ते में परेशानी होती है, बल्कि कब्रों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। उनका आरोप है कि कब्रिस्तान में जल निकासी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

हैरानी की बात यह है कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का मुख्यालय भी भोपाल में ही है और बड़ा बाग कब्रिस्तान के बाहर कब्रिस्तान सुरक्षा समिति का कार्यालय भी मौजूद है। इसके बावजूद कब्रिस्तान की ऐसी स्थिति मुस्लिम समाज के लिए चिंता और शर्मिंदगी का विषय बन रही है।

वाह रे भोपाल के कब्रिस्तानों का संरक्षण! बारिश में बड़ा बाग कब्रिस्तान बना जलभराव का शिकार, जनाज़ा ले जाना हुआ दुश्वार | New India Times

उन्होंने कहा कि कब्रिस्तानों की देखरेख केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बारिश से पहले जल निकासी, रास्तों की मरम्मत और कब्रों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किए जाना जरूरी है। शहर के अन्य कब्रिस्तानों की स्थिति भी जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर जाकर देखनी चाहिए।

गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों में भी बारिश का पानी घुस गया। ऐसे में अब कब्रिस्तानों में जनाजे ले जाने में आ रही परेशानी ने नगर निगम, वक्फ बोर्ड और कब्रिस्तान सुरक्षा समितियों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुस्लिम समाज ने मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड और संबंधित कब्रिस्तान सुरक्षा समितियों से मांग की है कि शहर के सभी कब्रिस्तानों का निरीक्षण कर जल निकासी समेत मूलभूत व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान जनाजे और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version