अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल शहर में आवासीय कॉलोनियों के आसपास बढ़ते अवैध निर्माण, अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ आज भोपाल के नागरिकों ने “टॉर्च लाइट मार्च” निकालकर अपनी आवाज प्रशासन के सामने बुलंद की। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल के आह्वान पर भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि बड़ी संख्या में अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार पर एकत्रित हुए और टॉर्च की रोशनी के साथ लगभग 2 किलोमीटर दूर वन्दे मातरम् चौराहे तक चले और आवासीय क्षेत्रों के संरक्षण और रहवासियों के मौलिक अधिकार बचाने का संदेश दिया इस मार्च में बच्चे,बुजुर्ग, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए।
मार्च के दौरान नागरिकों ने कहा सर्वोच्च न्यायलय के स्पष्ट आदेशो के बाद भी अब तक नगर निगम द्वारा इन अवैध निर्माणों पर क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही है ? रहवासियों ने सवाल उठाया की जब नगर निगम एक बार सर्वे करवा चूका है जिस में हज़ारों की संख्या में अवैध निर्माण पाया गया है। जिसकी जानकारी न्यायलय को दी जा चुकी है। तो उस पर कार्यवाही करने की बजाये दूसरी बार सर्वे करवा कर समय क्यों ख़राब किया जा रहा है क्या निगम इन रसूखदार भूमाफियायों को बचाना चाहता है।
रहवासियों का आरोप है की मास्टर प्लान का हवाला दे कर कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है जबकि 2005 के मास्टर प्लान में अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावासिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिचित किया गया है ।साथ ही नगर निगम, बी.डी.ए एवं हाउसिंग बोर्ड द्वारा अरेरा कॉलोनी के असपास मेट्रो प्लाजा,मानसरोवर काम्प्लेक्स, मेट्रो वाक और नव निर्मित फुले भवन आधी भवन व्यवासिक उपयोग हेतु निर्माण करवाए परन्तु वो खली पड़े है गए जिन में यहाँ के व्यपारियो की भी दुकाने है वे या तो किराये पर है या बंद है जिस से शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है तो क्यों न अवैध दुकानों को इन खली भवनों में विस्थापित करवाने की प्रक्रिया शुरू की साथ ही दस साल पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर कई एकड़ जगह टीटी नगर में खली पड़ी है वहा भी व्यवस्तित रूप से सिर्फ व्यवासिक बाजार बनाया जा सकता है।

संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने कहा कि टॉर्च लाइट मार्च केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल के नागरिकों की जागरूकता और अपने शहर के भविष्य को बचाने का संकल्प है। आवासीय क्षेत्रों को अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माणों से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और नागरिक अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। आज इस मार्च में भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियो के प्रितिनिधि शामिल रहे जिन्होंने एक जुट हो कर प्रशासन से अवैध दुकाने हटाने की मांग की और चेतवानी दी की अगर सर्वोच्च न्यायलय के आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो हम न्यायलय में अवमानन याचिका दायर करने के लिए बाध्य होंगे।
समिति ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की कि आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अवैध भू-उपयोग के खिलाफ बिना भेदभाव प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा आवासीय कॉलोनियों के मूल स्वरूप को संरक्षित किया जाए।
अरेरा कॉलोनी के रहवासियों द्वारा शुरू की गई इस मुहीम को अन्य आवासीय समितियों का भी साथ मिल रहा है अब इस मुहीम में गौतम नगर, विकास कुंज,कोलार रोड़, नेहरु नगर, प्रिय दर्शनी अदिश्थान ,रोहित नगर,रचना नगर,बावडिया,साकेत नगर,भेल,कोटरा,लालघाटी शक्ति नगर,शाहपुरा,जी 1 .2.3. गुलमोहर ,डी के कोटेज,ग्रीन सिटी सोसाइटी,राम शरण सोसाइटी आधी ने मिल कर सयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल बनाई जिसमे प्रमुख रूप से पूर्व आईएएस कविन्द्र कियावत, पूर्णेंदु शुक्ला,सुभाष पांडे, गौतम नगर के अध्यक्ष मोहन खरपते और सोमकांत उमलकर, प्रयास संस्था की अध्यक्ष अपर्णा वाशिष्ट शाहपुरा समिति की अध्यक्ष शुभ्रा गोयल,नीरज गुलाटी,कमल राठी ,याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी एवं लवनीश भाटी,प्रद्युम्न शर्मा ,हरीश भावनानी , शेखर माहेश्वरी ,नवीन चौबे, पंकज अस्थाना, राम कु सिंह,राजीव झा, जोतसूरूप सिंह ,जयेंद्र विजय , के सि शर्मा , ललित यादव , रुचिका सचदेवा ,तरुण चोहान,एन के रजक विजेंद्र राठोर, योगेश सराठे प्रकाश चौकसे आधी के तत्वाधान में आगे की रणनीति पर तैयारी की जाएगी साथ ही अब जो आवासीय भूखंडो पर निर्माणाधीन भवन है उन पर तत्काल रोक लगाये जाने की मांग की जाएगी| नागरिकों ने संकल्प लिया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर भोपाल के अन्य आवासीय क्षेत्रों के नागरिकों को भी साथ जोड़कर आवासीय क्षेत्र बचाओ अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।
संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने कहा
“आज हमने टॉर्च जलाई है, अब प्रशासन को अवैधता के अंधेरे को खत्म करने के लिए कार्रवाई की रोशनी जलानी होगी।”
