हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश व जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कोन विकास खण्ड के बाढ़ संभावित गांव हरसिंघपुर व मल्लेपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से पहले ही ग्रामीणों को अलर्ट कर जागरूक किया जाए और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए।
मण्डलायुक्त ने कहा कि चिन्हित बाढ़ राहत शिविरों में शौचालय, भोजन, पेयजल, दवाएं व प्रकाश की समुचित व्यवस्था की जाए। पशुओं के लिए अलग से ऊंचे स्थान पर शिविर बनाकर चारे की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए लोगों को घाटों, पुलों और नदी किनारे जाने से रोकने के निर्देश दिए। साथ ही गोताखोरों, नावों की तैनाती तथा एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीमों को अलर्ट रखने को कहा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
निरीक्षण के दौरान राजस्व टीम को सक्रिय रखने, लेखपालों व ग्राम प्रधानों के माध्यम से जलस्तर, कटान और फसल नुकसान की लगातार जानकारी लेने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी ने गंगा नदी पर निर्माणाधीन 6 लेन पुल व अप्रोच रोड का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता न हो। कार्यस्थल पर बैरीकेटिंग, रिफ्लेक्टर व चेतावनी बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं तथा रात्रिकालीन कार्य के दौरान पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
