त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी स्थित शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एक बार फिर निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। करीब 36 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस भवन में पहली ही बरसात में पानी रिसाव की शिकायत सामने आने के बाद अब परिसर में बन रही सीसी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में तय मानकों की अनदेखी की जा रही है। बताया जा रहा है कि सड़क की मोटाई महज 2 से 3 इंच रखी जा रही है, जबकि तकनीकी रूप से इससे अधिक मोटाई और मजबूत आधार आवश्यक होता है। आरोप यह भी है कि निर्माण में न तो उचित हार्डकोर डाला जा रहा है और न ही वाइब्रेटर का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय स्तर की छोटी गिट्टी के उपयोग से गुणवत्ता पर सवाल और गहरा गए हैं।

गौरतलब है कि विद्यालय भवन में पानी रिसाव की खबर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया था और सागर कलेक्टर ने मौके पर निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी को सुधार के निर्देश दिए थे। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी, संबंधित विभागों और स्कूल प्रबंधन को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब दोबारा निर्माण कार्यों पर सवाल उठने से निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।

क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि निर्माण स्थल पर तकनीकी टीम भेजकर सड़क की मोटाई, सामग्री और गुणवत्ता की जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है और सरकारी धन की बर्बादी होगी।
नागरिकों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग से निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन कर दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इनका कहना है:
अनुविभागीय अधिकारी मुनव्वर खान ने कहा कि टेंडर की शर्तों के अनुसार तीन वर्ष तक निर्माण की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। यदि भवन या सड़क में कोई कमी पाई जाती है तो ठेकेदार को उसे सुधारना होगा। उनके अनुसार निर्माण कार्य मानकों के अनुसार ही कराया जा रहा है।
