मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

नाबार्ड एवं यूटीएमटी सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में मधुमक्खी पालन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत जुन्नारदेव क्षेत्र के चार गांव—पाडर, पिंडरई, मुसनी और कट्टा—में मधुमक्खी पालन परियोजना संचालित की जाएगी। इस परियोजना के लिए चयनित गांवों में डीडीएम-नाबार्ड, छिंदवाड़ा की श्वेता सिंह के मार्गदर्शन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आजीविका को सशक्त बनाना है। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मधुमक्खी जागरूकता रथ ने गीत-संगीत के साथ गांवों का भ्रमण किया। इसके अलावा नारेबाजी के साथ ग्राम स्तरीय जागरूकता रैली, मधुमक्खी पालन पर आधारित नुक्कड़ नाटक तथा शपथ ग्रहण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
मधुमक्खी पालन जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिवासी अंचलों में मधुमक्खियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किसानों को प्रेरित करना है। इसके माध्यम से मधुमक्खियों के पारंपरिक शिकार को रोकने तथा वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में किसानों को मधुमक्खी पालन से होने वाले लाभ, जैसे परागीकरण, शहद एवं मोम का उत्पादन, जैव विविधता का संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन के बारे में नवाचारी और रोचक गतिविधियों के माध्यम से जानकारी दी गई। साथ ही कम लागत और कम समय में अतिरिक्त एवं सतत आय के साधन के रूप में मधुमक्खी पालन को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में यूटीएमटी सोसायटी, जुन्नारदेव की टीम के ओमप्रकाश पाठे, रेशमलाल डेहरिया, प्रदीप विश्वकर्मा, महेश यदुवंशी, राकेश यादव, करन राज भोपा, राहुल धुर्वे और संतलाल इवनाती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
