वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

जनपद में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा उनके परिजनों को नवजात शिशु के लिए स्तनपान के महत्व और उसके लाभों के प्रति जागरूक करना रहा।
इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मितौली में अधीक्षक डॉ. देवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य परामर्शदाता लल्ला सिंह ने जननी सुरक्षा योजना वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों को स्तनपान के लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जन्म के तुरंत बाद मां का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु के लिए प्राकृतिक टीके की तरह कार्य करता है, जो उसे गंभीर बीमारियों और संक्रमण से बचाता है। जीवन के पहले छह माह तक केवल स्तनपान कराने से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और उसका मानसिक व शारीरिक विकास बेहतर होता है। इस दौरान बच्चे को पानी की भी आवश्यकता नहीं होती, मां का दूध ही पूर्ण आहार है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि स्तनपान कराने से मां को भी ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर और प्रसवोत्तर जटिलताओं के खतरे में कमी आती है। इस अवसर पर जिला सामुदायिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अंशुमान पांडेय, लेबर रूम व एनबीएसयू स्टाफ नर्स, बीपीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
