ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
अकोला पश्चिम विधानसभा चुनाव से संबंधित चुनाव याचिका क्रमांक 5/2025 अब पूरे पश्चिम विदर्भ में चर्चा का विषय बन गई है। बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए चुनाव से जुड़े दस्तावेज, फॉर्म 17-ए, मतदाता सूचियां तथा सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला भारतीय जनता पार्टी के पूर्व उम्मीदवार एवं अकोला महानगरपालिका की स्थायी समिति के पूर्व सभापति विजय कमलकिशोर अग्रवाल द्वारा दायर चुनाव याचिका से जुड़ा है। याचिका में वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान व्यापक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अनिल एल. पानसरे की खंडपीठ के समक्ष हुई, जिसमें याचिकाकर्ता विजय अग्रवाल और निर्वाचित विधायक साजिद खान पठाण पक्षकार हैं।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले से जुड़े सात महत्वपूर्ण मुद्दे तय किए। इनमें 1,125 मतदाताओं के नाम अकोला पश्चिम और बालापुर दोनों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में दर्ज होने की संभावना, इन मतदाताओं द्वारा दोनों क्षेत्रों में मतदान किए जाने के आरोप, तथा 3,614 मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने और एक से अधिक बार मतदान किए जाने के आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा न्यायालय यह भी जांच करेगा कि कथित अवैध मतों की गणना से चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ या नहीं। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि मतदान केंद्र क्रमांक 203 स्थित शिवाजी हाईस्कूल में 472 मतों की गणना नहीं की गई, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है। न्यायालय इस बात पर भी विचार करेगा कि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निर्वाचित उम्मीदवार की जीत को निरस्त किया जा सकता है या नहीं।
खंडपीठ ने आदेश दिया है कि सभी पक्षकार 15 दिनों के भीतर अपने-अपने गवाहों की सूची प्रस्तुत करें। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी, अकोला को निर्देश दिया गया है कि अकोला पश्चिम और बालापुर विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदान केंद्रों के फॉर्म 17-ए, मतदाता सूचियों तथा सीसीटीवी फुटेज की सॉफ्ट कॉपी चार सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराई जाए।
मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली इस याचिका पर अब राजनीतिक दलों, मतदाताओं और पूरे पश्चिम विदर्भ की नजरें टिकी हुई हैं।
