जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:
पुलिस कमिश्नरेट भोपाल के जोन-2 अंतर्गत अयोध्या नगर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण पुलिस कार्रवाइयों के कारण चर्चा में रहा है। वे वर्तमान में अयोध्या नगर थाने के प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। उनकी सेवा यात्रा केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई संवेदनशील मामलों और चुनौतियों का सामना भी उन्होंने किया है।
प्रमुख उपलब्धियां
नकबजनी एवं चोरी के मामलों में सफलता:
महेश लिल्हारे के नेतृत्व में पुलिस ने एटीएम कटर गैंग, गर्ग इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम सहित कई नकबजनी के मामलों का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय पारदी गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया तथा लाखों रुपये का चोरी का माल बरामद किया। इस सफलता पर पुलिस टीम को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहा गया।
मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश:
क्वीन मैरी स्कूल और एमपी नगर क्षेत्र में हुई मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सात लाख रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल एवं अन्य सामान बरामद किए गए। इसके अलावा ईरानी डेरे से संचालित मोबाइल लुटेरों के गिरोह का भी भंडाफोड़ कर आरोपियों को जेल भेजा गया।
नशा विरोधी अभियान:
‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत गांजा और एमडी ड्रग्स की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ओडिशा से होने वाली नशीले पदार्थों की आपूर्ति के मामलों में भी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की।
वाहन चोरी के मामलों में कार्रवाई:कुख्यात वाहन चोरों को गिरफ्तार कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी हुई लगभग 40 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
अपहरण और मारपीट का मामला:
कुख्यात वाहन चोरों को गिरफ्तार कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी हुई लगभग 40 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
अपहरण और मारपीट का मामला:
इटारसी के एक नाबालिग छात्र के अपहरण और मारपीट के मामले में पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
अन्य उल्लेखनीय कार्रवाई:
राह चलती युवतियों पर कटर से हमला करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी, पेट्रोल पंप पर लॉ स्टूडेंट की हत्या के मामले का खुलासा, आगरा सहित विभिन्न स्थानों से आरोपियों की गिरफ्तारी, फायरिंग करने वाले बदमाशों, चैन स्नैचरों, शराब तस्करों, रंगदारी करने वालों, लैपटॉप चोरों तथा चंदन के पेड़ काटने वाले आरोपियों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई की गई।
इन कार्रवाइयों से स्पष्ट होता है कि उनकी टीम तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी जांच करने के लिए जानी जाती है।
चुनौतियां और विवाद
हर पुलिस अधिकारी की तरह महेश लिल्हारे को भी कई संवेदनशील मामलों का सामना करना पड़ा। मई 2025 में एक जिम से जुड़े मामले में हिंदुत्व संगठनों की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। इस दौरान “लव जिहाद” और धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोपों की जांच की गई। महेश लिल्हारे ने स्पष्ट किया था कि पुलिस को शिकायत प्राप्त हुई थी, संबंधित वीडियो प्रथम दृष्टया संपादित (एडिटेड) प्रतीत हो रहा था और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि पुलिस किसी भी जाति या समुदाय के प्रति पक्षपात नहीं करेगी।
इसके अलावा किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले मकान मालिकों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि थाना प्रभारी के रूप में उन्हें अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामाजिक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मामलों का भी संतुलित ढंग से सामना करना पड़ता है।
निष्कर्ष
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार निरीक्षक महेश लिल्हारे वर्तमान में अयोध्या नगर थाने के प्रभारी हैं। उनके कार्यकाल में चोरी, नशा तस्करी, मोबाइल स्नैचिंग और संगठित अपराध के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई देखने को मिली है।
महेश लिल्हारे एक सक्रिय मैदानी अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी उपलब्धियां उल्लेखनीय रही हैं, वहीं कुछ संवेदनशील मामलों में उनके निर्णयों पर सार्वजनिक चर्चा भी हुई। पुलिस सेवा में सफलता और आलोचना दोनों समानांतर चलती हैं। अयोध्या नगर जैसे व्यस्त थाने में उनकी सबसे बड़ी चुनौती अपराध नियंत्रण के साथ निष्पक्षता और जनता का विश्वास बनाए रखना है।
