मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में रेणुका कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान बुरहानपुर जिले के किसानों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होकर मई और जून 2026 में बेमौसम बारिश, आंधी और तूफान से प्रभावित जिले के 188 गांवों के 8,115 किसानों के खातों में 107 करोड़ 72 लाख 59 हजार रुपये की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस प्राकृतिक आपदा से जिले में 8,963.54 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी केला फसल प्रभावित हुई थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की हर समस्या का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मिट्टी एवं जल संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेती केवल किसान परिवारों की आजीविका ही नहीं, बल्कि उद्योग और रोजगार का भी आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और जब तक किसानों के चेहरों पर मुस्कान वापस नहीं लौटती, तब तक सरकार हरसंभव सहायता करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर को प्रदेश का महत्वपूर्ण कृषि जिला बताते हुए कहा कि यहां की केले की खेती ने जिले को विशेष पहचान दिलाई है। ताप्ती नदी के आशीर्वाद से यह जिला उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में अग्रणी है। केले के रेशे से तैयार वस्त्र और अन्य उत्पाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-विदेश में नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि कपास पर मंडी शुल्क कम करने का निर्णय किसानों के हित में लिया गया है तथा धार में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क का लाभ भी बुरहानपुर के किसानों और वस्त्र उद्योग को मिलेगा। साथ ही उन्होंने जिले में सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और शीघ्र ही बुरहानपुर आकर किसानों से प्रत्यक्ष संवाद करने की बात भी कही।
विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राहत राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों और खेतों का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनीं, फसल क्षति का निरीक्षण किया और सर्वे कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की। इसके बाद भोपाल में मुख्यमंत्री से चर्चा कर जिले की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया, जिसके परिणामस्वरूप त्वरित सर्वे कराकर राहत राशि स्वीकृत हुई।
अर्चना चिटनिस ने बताया कि वर्ष 2003 में बुरहानपुर जिले में मात्र 1,100 हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर लगभग 25 हजार हेक्टेयर हो चुकी है। वर्तमान में स्वीकृत सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद यह रकबा बढ़कर लगभग 60 हजार हेक्टेयर हो जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान हितैषी नीतियों, आधुनिक तकनीक और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से बुरहानपुर कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
इस अवसर पर अर्चना चिटनिस ने मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में बुरहानपुर के केले के रेशे से निर्मित राखी भेंट किए जाने की जानकारी दी, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए इसे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने वाला अभिनव प्रयास बताया।
बलराम कृषि महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, मिट्टी की उर्वरता, जल संरक्षण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। विभिन्न शासकीय विभागों एवं कृषि यंत्र कंपनियों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल किसानों के आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में उन्नतशील किसानों का सम्मान किया गया तथा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए।
कार्यक्रम में जल संसाधन एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस अवसर पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन, महापौर माधुरी अतुल पटेल, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कपिल यार्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
