मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
जनपद के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बिना चिकित्सक की मौजूदगी के अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा जांच किए जाने और भ्रूण लिंग जांच जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने की पहल की है।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के साथ सदर बाजार स्थित चौधरी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचकर नई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि अब अल्ट्रासाउंड मशीन संबंधित पंजीकृत चिकित्सक के फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक सत्यापन) के बाद ही संचालित हो सकेगी। चिकित्सक की अनुपस्थिति में मशीन शुरू नहीं होगी। इसके साथ ही मशीन के संचालन का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा, जिससे प्रत्येक जांच की जानकारी उपलब्ध रहेगी और किसी शिकायत की स्थिति में आसानी से सत्यापन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से अनधिकृत तरीके से अल्ट्रासाउंड संचालन पर रोक लगाने के साथ ही भ्रूण लिंग जांच जैसे अवैध कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी। यह तकनीक चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि नई प्रणाली से अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
