त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती नेहा अलकेश जैन को पार्षद के कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर से अंतरिम राहत मिली है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की अदालत ने मामले की कोर्ट डायरी तलब करते हुए अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के विरुद्ध किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हालांकि, न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पुलिस जांच पूर्ववत जारी रहेगी।
मामले में देवरी थाना पुलिस ने 24 जून 2026 को पार्षद की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके खिलाफ नपाध्यक्ष ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कार्रवाई पर रोक की मांग की थी।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आदित्य अवस्थी ने दलील दी कि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना और समुचित जांच के अभाव में जल्दबाजी में प्रकरण दर्ज किया है। साथ ही इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए पद से हटाने की मंशा से मामला दर्ज कराने का आरोप लगाया गया।
23 जुलाई को हुई सुनवाई में न्यायालय ने प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए कोर्ट डायरी तलब करते हुए नेहा जैन को अंतरिम राहत प्रदान की है। मामले की अगली सुनवाई तक अब किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक रहेगी।

