साबिर खान, मुंबई/गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:
दिल्ली में छात्रों और निहत्थे लोगों पर हुए कथित लाठीचार्ज और प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में भीम सेना और संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) ने 27 जुलाई को देशव्यापी ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद केंद्र सरकार और प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज़ हो गई है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं।
भीम सेना प्रमुख एवं एसएसपी सुप्रीमो सतपाल तंवर ने वीडियो संदेश जारी कर देश के छात्रों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और सभी नागरिकों से इस बंद को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन दिल्ली में निर्दोष लोगों पर हुए कथित अत्याचार, मानवाधिकार हनन, भ्रष्टाचार और शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध का रूप लेगा।
तंवर ने केंद्र और दिल्ली प्रशासन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “निहत्थे लोगों पर बर्बर कार्रवाई लोकतंत्र और संविधान की आत्मा पर सीधा हमला है। ऐसी तानाशाही के खिलाफ चुप रहना अन्याय को बढ़ावा देना है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भीम सेना और एसएसपी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन चलाएंगे।
संगठनों से एकजुटता की अपील करते हुए दोनों संगठनों ने राजनीतिक दलों, मजदूर संघों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से ‘भारत बंद’ को सफल बनाने का आह्वान किया है। वहीं, प्रशासन ने संभावित प्रदर्शन और बंद को देखते हुए राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
आयोजकों ने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है, ताकि देशव्यापी बंद को सफल और प्रभावी बनाया जा सके।
