रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

‘सुरक्षित बचपन–सुरक्षित झाबुआ’ अभियान के तहत बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से POCSO Act, 2012 एवं POSH Act, 2013 पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन झाबुआ डायसिस के बिशप हाउस, मेघनगर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता झाबुआ डायसिस के बिशप पीटर खराड़ी ने की तथा इसका आयोजन एजुकेशन कमीशन ऑफ झाबुआ डायसिस द्वारा एजुकेशन सेक्रेट्री फादर सोनू वसुनिया के मार्गदर्शन में किया गया।

इस अवसर पर सह सचिव फादर एडवीन पॉल ने अपने उद्बोधन में बच्चों और महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन जीने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता चंचल भंडारी, एडवोकेट एवं सदस्य, न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, झाबुआ रहे। उन्होंने प्रथम सत्र में POCSO Act, 2012 के महत्वपूर्ण प्रावधानों को सरल एवं सहज भाषा में समझाया। उन्होंने बच्चों के अधिकारों के साथ-साथ पुलिस, चिकित्सा अधिकारी, सहायक व्यक्ति, न्यायालय तथा बाल कल्याण समिति की भूमिका एवं दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षित रखना केवल शासन-प्रशासन की ही नहीं, बल्कि समाज, परिवार, शिक्षण संस्थाओं और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध या शोषण की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों या पुलिस को सूचना देना आवश्यक है।
द्वितीय सत्र में उन्होंने POSH Act, 2013 (कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम) के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार, नियोक्ता के कर्तव्य, शिकायत प्रक्रिया, शिकायतकर्ता की गोपनीयता, आंतरिक एवं स्थानीय समिति के गठन, शिकायत की जांच तथा उसके निराकरण की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को कार्यस्थल पर सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के साथ कार्य करने का अधिकार है। लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए प्रत्येक संस्था में प्रभावी जागरूकता एवं शिकायत निवारण तंत्र होना आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, जिनमें चाइल्ड हेल्पलाइन–1098, महिला हेल्पलाइन–181, निःशुल्क कानूनी सहायता–15100, राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन–1930 तथा पुलिस हेल्पलाइन–112 शामिल हैं।
कार्यशाला में झाबुआ, धार एवं रतलाम जिले के 25 विद्यालयों के 66 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने POCSO एवं POSH Act से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी प्राप्त की तथा बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों को समझा।
अंत में कार्यस्थल पर प्रत्येक महिला के सम्मान और लैंगिक उत्पीड़न न करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का आभार सेंट अर्नोल्ड स्कूल, मेघनगर की शिक्षिका श्रीमती रेशमा जेम्स ने व्यक्त किया।
