नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र बीजेपी के बहुजन चेहरों में प्रमुख लेकिन पार्टी के अंदर नवजातों की कपट नीति से एनसीपी में धकेल दिए गए एकनाथ खडसे का जलवा आज भी आबाद है। खडसे के जन्म दिवस पर सर्व दलीय जन सम्मेलन का आयोजन किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होने जा रहे प्रोग्राम के बाद महाराष्ट्र के पॉवर शेयरिंग सिस्टम में कई नेताओं की पोजीशन बिगड़ सकती है। मंत्री गिरीश महाजन , संजय सावकारे उत्तर महाराष्ट्र के विकास के लिए कुछ ख़ास नहीं कर पाए।

RSS के कारण महाराष्ट्र की सियासत में सुरक्षित माने जाने वाले बीजेपी के नेताओं की जगह बीजेपी के पुराने लीडर्स को सक्रिय करने पर अमित शाह द्वारा विचार किया जा रहा है। उत्तर महाराष्ट्र की आठ में से छह लोकसभा सीटों पर परास्त बीजेपी शायद मेरिट नहीं स्पिरिट को मौका देना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय बीजेपी एकनाथ खडसे की बेटी रोहिणी को देवेन्द्र फड़नवीस सरकार में मंत्री बनाकर ओबीसी कार्ड चमकाकर राज्य में लोकसभा की गंवाई सीटों की भरपाई करने के फ़िराक में बताई जा रही है। शरद पवार के NDA में शरीक होने के निर्णय से एकनाथ खडसे को कमाल की ताकत मिलेगी।
युवकों को रोज़गार की प्रतिक्षा :
1990 के दशक मे एकनाथ खडसे ने उत्तर महाराष्ट्र में कृषि इरिगेशन के सैकड़ों प्रोजेक्ट पूरे किए। 2014 के बाद से अब तक ये इलाका आय टी हब बन जाना चाहिए था लेकिन एक सरकारी जिनिंग प्रेसिंग भी शुरू नही हो सकी है। सड़क – रेल कनेक्टिविटी के सारे काम केंद्र सरकार कर रही है। खडसे परिवार को सत्ता में मौका मिलता है तो जलगांव का आमूलचूल औद्योगिक विकास होगा।
