अमानगंज अस्पताल में बदइंतजामी की हद: लेबर रूम में घूम रहे आवारा कुत्ते, प्रसूति वार्ड के शौचालय सालों से बंद, कांग्रेसियों ने शव यात्रा निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन | New India Times

संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

अमानगंज अस्पताल में बदइंतजामी की हद: लेबर रूम में घूम रहे आवारा कुत्ते, प्रसूति वार्ड के शौचालय सालों से बंद, कांग्रेसियों ने शव यात्रा निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन | New India Times

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज इन दिनों बदइंतजामी और लापरवाही का अड्डा बन चुका है। अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं, जिससे यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले लेबर रूम और डिलीवरी कक्ष में आवारा कुत्तों का खुलेआम घूमना गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। यह स्थिति संक्रमण और किसी भी बड़े हादसे का खतरा पैदा कर रही है। वहीं, अस्पताल में न तो नियमित सफाई की व्यवस्था है और न ही डॉक्टर समय पर उपलब्ध रहते हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
सबसे चिंताजनक स्थिति प्रसूति वार्ड की है, जहां मरीजों के उपयोग के लिए बने शौचालय वर्षों से बंद पड़े हैं। मजबूरन प्रसूता महिलाओं को बाहर के शौचालयों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे उन्हें प्रसव के समय और बाद में भारी शारीरिक परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

अस्पताल की महिला स्टाफ नर्स पीटर सिस्टर ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि प्रसूति कक्ष की इमारत जर्जर हो चुकी है, दीवारों से पानी का रिसाव हो रहा है और खिड़कियां भी खराब हालत में हैं।
इसके अलावा अस्पताल परिसर के पीछे उगी झाड़ियां और गंदगी भी खतरा बढ़ा रही हैं। सफाई के अभाव में जहरीले सांप-बिच्छुओं के आने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदइंतजामी एवं लापरवाही को लेकर कांग्रेसियों ने शव यात्रा निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

अमानगंज अस्पताल में बदइंतजामी की हद: लेबर रूम में घूम रहे आवारा कुत्ते, प्रसूति वार्ड के शौचालय सालों से बंद, कांग्रेसियों ने शव यात्रा निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन | New India Times

अमानगंज: स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री की शवयात्रा के दौरान पुलिस से हुई तीखी झड़प
अमानगंज। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं और चिकित्सकों की कमी के विरोध में आज नगर कांग्रेस अध्यक्ष वसीम खान के नेतृत्व में एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। गांधी चौक से गाजे-बाजे के साथ शुरू हुए इस प्रदर्शन के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की एक प्रतीकात्मक अर्थी (शवयात्रा) निकाली। आंदोलन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब अस्पताल के  पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झीना-झपटी हुई और पुलिस ने प्रतीकात्मक अर्थी को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ता अस्पताल के मुख्य गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा सरकार और स्थानीय अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिसमें “भाजपा सरकार डरती है, पुलिस को आगे करती है” और “अस्पताल बीएमओ मुर्दाबाद” जैसे नारे शामिल थे।
इस दौरान आंदोलन की अगुवाई कर रहे नगर अध्यक्ष वसीम खान, ब्लॉक अध्यक्ष सौरभ दुबे, जिला महासचिव रामभगत सोनी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष हक़्कून दहायत, पूर्व नगर अध्यक्ष वीरेंद्र खटीक, केसरी अहिरवार, पीयूष देव सिंह,भूपेंद्र बुंदेला, हिम्मत बागरी, धूराम चौधरी, रविंद पांडे,अग्रिम मोर्चे पर नजर आए। उनके साथ भूपेन्द्र सिंह बुंदेला, भभूत सिंह,जितेन्द्र द्विवेदी, राजा जी बुंदेला, राजदीप चतुर्वेदी, सजल ताम्रकार, निलेश ताम्रकार,मुन्ना मिश्रा, राजा जी, प्रकाश अहिरवार,सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस नेताओं के साथ नेतृत्वकर्ता अध्यक्ष वसीम खान ने अस्पताल गेट पर पहुंचे तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने अस्पताल की निम्नलिखित बुनियादी समस्याओं को रेखांकित करते हुए त्वरित सुधार की मांग की है:
महिला चिकित्सक व विशेषज्ञ का अभाव: अस्पताल में महिला डॉक्टर और हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को रैफर होना पड़ता है।
निजी प्रैक्टिस के आरोप: डॉक्टरों पर शासकीय ड्यूटी के समय अपने कमरों में निजी क्लिनिक संचालित करने तथा रात्रि 8 बजे के बाद आपातकालीन सेवाओं में अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया गया है।
दवाइयों व शव वाहन की कमी: अस्पताल में आवश्यक शासकीय दवाइयां उपलब्ध न होने से मरीजों पर आर्थिक बोझ पड़ने तथा संस्थान में शव वाहन की व्यवस्था न होने की बात कही गई है।
ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने प्रशासन को सचेत किया है कि यदि जनहित में अमानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इन बुनियादी समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में संगठन द्वारा और अधिक उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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