मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक संविदा मेडिकल ऑफिसर एक ही समय में दो अलग-अलग जिलों में सरकारी सेवा कर रहा था। इस खुलासे ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की भर्ती प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, रीवा लोकायुक्त द्वारा हाल ही में 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए संविदा मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेशचंद्र शर्मा के सेवा रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में पता चला कि उनका नाम शहडोल जिले के जयसिंहनगर ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी तथा श्योपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहसराम—दोनों स्थानों पर सरकारी सेवा में दर्ज था।
बताया जा रहा है कि डॉ. शर्मा ने वर्ष 2020-21 में श्योपुर में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद वर्ष 2024 में बिना पूर्व सेवा समाप्त किए शहडोल में नई नियुक्ति ले ली।
स्वास्थ्य विभाग ने दोनों जिलों से सेवा रिकॉर्ड, उपस्थिति रजिस्टर तथा वेतन संबंधी दस्तावेज तलब किए हैं। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
