गोरखपुर में एनपीएस/एनएसडीएल त्रुटि सुधार शिविर: 115 कर्मचारियों के अभिलेखों का परीक्षण, ऑनलाइन संशोधन प्रक्रिया शुरू | New India Times

शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर के तत्वावधान में लोक निर्माण विभाग परिसर स्थित डिप्लोमा इंजीनियरिंग संघ भवन में एनपीएस/एनएसडीएल पोर्टल की त्रुटियों के निस्तारण हेतु विशेष सुधार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 30 विभागों के 115 कर्मचारियों ने अपने अभिलेख एवं आवश्यक दस्तावेज जमा किए। एनएसडीएल पोर्टल के विशेषज्ञों ने सभी प्रकरणों का परीक्षण कर त्रुटियों का सत्यापन किया तथा ऑनलाइन संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी।

परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों की सुविधा के उद्देश्य से लागू की गई डिजिटल व्यवस्था तकनीकी एवं अभिलेखीय त्रुटियों के कारण अनेक कर्मचारियों के भविष्य के लिए चिंता का विषय बन गई है। यदि इन त्रुटियों का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया, तो हजारों कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि शिविर में कर्मचारियों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक तथा एनपीएस पासबुक सहित आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए गए हैं, जिनके आधार पर पोर्टल पर ऑनलाइन संशोधन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह शिविर आगे भी निरंतर आयोजित किया जाएगा। जिन कर्मचारियों अथवा पेंशनरों को एनपीएस/एनएसडीएल पोर्टल में सुधार कराना है, वे लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-3 में अनूप कुमार श्रीवास्तव से मोबाइल नंबर 7651938191 पर संपर्क कर अपने अभिलेखों का संशोधन करा सकते हैं।

रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मानव संपदा पोर्टल पर अर्जित अवकाश (Earned Leave) की गलत प्रविष्टियों के कारण अनेक कर्मचारियों के 300 दिनों के स्थान पर केवल 38, 65 या 70 दिन ही दर्ज हैं। यदि समय रहते इन त्रुटियों का सुधार नहीं हुआ, तो सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी लाखों रुपये के वैध भुगतान से वंचित हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि नई पेंशन योजना (NPS) के अंतर्गत अनेक कर्मचारियों के PRAN खाते नियुक्ति के 5 से 10 वर्ष बाद भी पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो सके हैं। विशेष रूप से पंचायती राज विभाग के सफाई कर्मचारियों में यह समस्या गंभीर रूप से सामने आई है, जिससे उनकी सेवानिवृत्ति निधि एवं सामाजिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

इसके अलावा एनपीएस पोर्टल पर जन्मतिथि, नाम एवं पिता के नाम की त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों के कारण कर्मचारियों को समयपूर्व सेवानिवृत्ति, पेंशन स्वीकृति तथा अन्य सेवा संबंधी देयकों के भुगतान में अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर पोर्टल की त्रुटियों के कारण आश्रितों को मृत्युोपरांत देयकों के भुगतान एवं अनुकंपा नियुक्ति में भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार से मांग की है कि मानव संपदा एवं एनपीएस/एनएसडीएल पोर्टल की त्रुटियों के निस्तारण के लिए प्रत्येक विभाग में विशेष सुधार अभियान (Special Correction Drive) चलाया जाए, ताकि कोई भी कर्मचारी या उसका परिवार केवल तकनीकी अथवा लिपिकीय त्रुटियों के कारण अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित न रहे।

शिविर में रूपेश कुमार श्रीवास्तव, मदन मुरारी शुक्ल, अशोक पांडेय, पं. श्याम नारायण शुक्ल, अनूप कुमार, इंजीनियर सौरभ श्रीवास्तव, इजहार अली, सुभाष पांडेय, हरिशंकर प्रसाद दुबे, नरेंद्र लाल, अजय कुमार सिंह, रामदास, शैलेश, त्रिलोकी शर्मा, रामेश्वर, ब्रह्मा, रामधनी पासवान, परमशिला, अर्चना सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

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