गविष्ठी यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शंकराचार्य के स्वागत में गोला गोकर्णनाथ बना आस्था का केंद्र | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

गविष्ठी यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शंकराचार्य के स्वागत में गोला गोकर्णनाथ बना आस्था का केंद्र | New India Times

पौराणिक तीर्थनगरी गोला गोकर्णनाथ शनिवार को सनातन आस्था, श्रद्धा और धर्मचेतना का अद्वितीय केंद्र बन गई, जब ज्योतिर्मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का नगर में ऐतिहासिक आगमन हुआ। उनके स्वागत के लिए नगर के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूरा यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और जगह-जगह पुष्पवर्षा के साथ जयघोष गूंजते रहे।
नगर प्रवेश पर नानक चौकी में गौध्वज स्थापना एवं अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां आकाश नारायण अवस्थी, मिलिंद कुमार शुक्ल एवं शुभम अग्निहोत्री के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। इसके बाद धर्मकांटा परिसर में गौध्वज की प्रतिष्ठा कर गौसंरक्षण एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया। शंकराचार्य के दर्शन के लिए यहां भारी भीड़ उमड़ी।
धर्मकांटा से प्रारंभ हुई भव्य गविष्ठी यात्रा लखीमपुर रोड, प्रमुख बाजारों और मोहम्मदी रोड सहित विभिन्न मार्गों से होकर निकली। यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, बच्चों, संत-महात्माओं और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा, शर्बत और शीतल जल सेवा की व्यवस्था की गई, जिससे सेवा और समर्पण का भाव दिखाई दिया।
यात्रा का समापन रॉयल बैंक्वेट लॉन में पूर्व विधायक विनय तिवारी के आवास पर चरण पादुका पूजन एवं गोष्ठी के साथ हुआ। इस अवसर पर शंकराचार्य ने गौमाता को भारतीय संस्कृति का आधार बताते हुए सरकार से उसे “राज्यमाता” का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि गोला गोकर्णनाथ का संदेश है—गौ को अपनाएं, संरक्षण करें और सनातन संस्कृति को सशक्त बनाएं।
अपने आशीर्वचन में उन्होंने नगर में भव्य गौधाम की स्थापना का निर्देश देते हुए इसकी जिम्मेदारी मनोज मिश्र को सौंपी। साथ ही प्रत्येक विधानसभा में गौधाम स्थापित करने और गौसंरक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने श्रीनैमिष क्षेत्र में “श्रीनैमिष विद्वत् धर्म परिषद” के गठन का भी धर्मादेश दिया, जिसका दायित्व आकाश नारायण अवस्थी और मिलिंद कुमार शुक्ल को सौंपा गया।
शंकराचार्य के आगमन को लेकर नगर में विशेष उत्साह रहा। नगर पालिका परिषद ने सफाई और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जबकि विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी सक्रिय सहयोग दिया। हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही।
इस अवसर पर नितिन तिवारी, अमितांशु मिश्र, अवनीश, अल्लू सैनी, राजेश, कमलनयन शुक्ल, मनुज वाजपेयी, वीरेंद्र, प्रसून मिश्र, रिशु अनिकेत सहित बड़ी संख्या में संत, विद्वान, गौसेवक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version