125 दिन रोजगार, ₹300 मजदूरी और पारदर्शी व्यवस्था से आत्मनिर्भर बनेंगे गांव : अर्चना चिटनिस | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी-राम-जी) का शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में जिला पंचायत बुरहानपुर के सभाकक्ष में जिला स्तरीय जन सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, नेपानगर विधायक श्रीमती मंजू राजेंद्र दादू, जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पंचायत पदाधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि संसद से पारित ‘वीबी-जी-राम-जी’ अधिनियम ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और ग्राम स्वावलंबन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी कदम है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान किया गया है, जिससे श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

उन्होंने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खेती के सबसे महत्वपूर्ण 60 दिनों के दौरान योजना के अंतर्गत कोई कार्य नहीं कराया जाएगा, ताकि कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहें। योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी विकास कार्यों की जियो-टैगिंग, ऑनलाइन अभिलेखीकरण और बायोमेट्रिक आधारित उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इससे कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी होगी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।

श्रीमती चिटनिस ने बताया कि योजना के अंतर्गत दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय श्रमिकों के सम्मान और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार स्थायी और जनोपयोगी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी करा सकेंगी। जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़कें, सार्वजनिक परिसंपत्तियों का विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा अन्य जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गांवों के विकास की प्राथमिकताएं अब ग्राम पंचायतें स्वयं तय करेंगी। इससे पंचायतों की भूमिका और अधिकार बढ़ेंगे तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना बुरहानपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का नया आधार बनेगी।

अंत में श्रीमती अर्चना चिटनिस ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी, पारदर्शिता और सुशासन के बल पर ही विकसित भारत का सपना साकार होगा।

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