मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने जिले के राजस्व अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाते हुए अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों से जिला विकास पुस्तिका तैयार करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं फोटोग्राफ शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा, ताकि 30 जून तक इसका अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।

मंगलवार को आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में सीएम हेल्पलाइन, फार्मर रजिस्ट्री, जल गंगा संवर्धन अभियान, कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के एजेंडा बिंदुओं, सुशासन, कानून-व्यवस्था तथा विभागीय समन्वय से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।
बैठक में एसडीएम श्रीमती दिव्या पटेल, डिप्टी कलेक्टर सुश्री आशिमा पटेल, जनपद सीईओ अशोक तिवारी, वेदमणि मिश्रा, भारती दीक्षित, जिला शिक्षा अधिकारी गिरीश अग्निहोत्री, डीपीओ राजेन्द्र बांगरे, डीपीसी विष्णु त्रिपाठी, कार्यपालन यंत्री श्वेतांक चौरसिया, जिला आबकारी अधिकारी सुरेन्द्र कुमार उरांव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में मैहर जिले की प्रगति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने एसडीएम एवं तहसीलदारों को प्रतिदिन कार्य की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही मूंग एवं उड़द की जायद फसलों तथा ई-विकास पोर्टल पर पंजीकृत किसानों का सत्यापन शीघ्र पूर्ण करने के लिए कहा।
बरसात से पहले जर्जर भवनों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ध्वस्त कर आवश्यक प्रबंधन करने के निर्देश भी दिए गए। समग्र ई-केवाईसी की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 74.81 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कलेक्टर ने इसे शीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य एवं पोषण की समीक्षा के दौरान अनमोल ऐप की जानकारी नहीं दे पाने पर संबंधित बीएमओ के प्रति कलेक्टर ने अप्रसन्नता व्यक्त की। साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 1,17,527 निरक्षरों में से अब तक 53,128 लोगों को साक्षर बनाया जा चुका है तथा वर्ष 2027 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित है। कलेक्टर ने सभी अक्षर साथियों की ब्लॉक स्तरीय बैठक एसडीएम की अध्यक्षता में आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के 51 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कलेक्टर ने पीजी सेल के लंबित सभी प्रकरणों का बुधवार तक शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
