मक़सूद अली, मुंबई/नई दिल्ली, NIT:

हज-2027 (1448 हिजरी) के मुकद्दस सफर की तैयारी करने वाले आजमीन-ए-किराम के लिए अहम अपडेट सामने आया है। सऊदी अरब सरकार द्वारा जारी “प्रिपरेशन डॉक्यूमेंट” के बाद भारत सरकार का अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और हज कमेटी ऑफ इंडिया नई हज पॉलिसी और दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हज-2027 के लिए आधिकारिक अधिसूचना और पंजीकरण तिथियों की घोषणा जल्द होने की संभावना है। इस बार हाजियों की सुविधा, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा सकते हैं।
एकीकृत सेवा मॉडल लागू होने के आसार
प्रस्तावित बदलावों में मक्का और मदीना में आवास, परिवहन और खान-पान की सुविधाओं को एकीकृत कर एक ही पैकेज में शामिल करने की योजना है। इससे हाजियों को अलग-अलग व्यवस्थाओं की झंझट से राहत मिलेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी।
पैकेज श्रेणियों का सरलीकरण
पुराने जटिल पैकेज सिस्टम में बदलाव करते हुए इसे तीन श्रेणियों तक सीमित किए जाने की संभावना है। इससे आजमीन अपने बजट और जरूरत के अनुसार आसानी से पैकेज का चयन कर सकेंगे।
डिजिटल प्रक्रिया को मिलेगा बढ़ावा
रजिस्ट्रेशन, वीजा और सऊदी अरब में प्रवास के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे Nusuk ऐप और डिजिटल आईडी का उपयोग और अधिक प्रभावी बनाए जाने की तैयारी है। इससे भीड़ प्रबंधन में सुधार होगा और विशेष रूप से बुजुर्ग हाजियों को सुविधा मिलेगी।
दस्तावेज समय पर करें दुरुस्त
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इच्छुक यात्रियों को अपने दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी है।
पासपोर्ट की वैधता कम से कम 31 दिसंबर 2027 तक होना अनिवार्य है।
पासपोर्ट में ‘Surname’ कॉलम खाली न छोड़ें और सभी दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग एक समान रखें।
आधिकारिक घोषणा और पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने तक आजमीन-ए-किराम से अपील की गई है कि वे आवश्यक दस्तावेज समय रहते तैयार रखें, ताकि आवेदन के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
