मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा सोमवार को विकास भवन में कृषि निर्यात संवर्धन के उद्देश्य से क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने की, जबकि एपीडा के सचिव डॉ. सुधांशु मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी भी मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि डॉ. सुधांशु ने कहा कि एपीडा किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि “भारती कार्यक्रम” के तहत किसानों को निर्यातोन्मुख खेती, गुणवत्ता उत्पादन और विपणन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि केंद्रीय राज्य मंत्री (वाणिज्य एवं उद्योग) जितिन प्रसाद के मार्गदर्शन में पीलीभीत में बासमती एवं ऑर्गेनिक प्रशिक्षण केंद्र सह प्रदर्शन फार्म की स्थापना की जा रही है।
उन्होंने बताया कि एपीडा की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अवसंरचना विकास, पैकेजिंग, ब्रांडिंग तथा गुणवत्ता सुधार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम में एपीडा के आलोक मिश्रा ने कृषि निर्यात के अवसरों, योजनाओं और वित्तीय सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान (BEDF) के संयुक्त निदेशक डॉ. रितेश शर्मा ने गुणवत्ता परीक्षण, डीएनए परीक्षण, कीटनाशक अवशेष एवं भारी धातु परीक्षण जैसी सुविधाओं पर प्रकाश डाला।
इस दौरान कृषि विपणन, कृषि विभाग, मंडी समिति, नाबार्ड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। गंगा भूमि सीड्स प्रोडक्शन कंपनी (एफपीओ) के निदेशक राकेश कुमार पाण्डेय ने जनपद में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए छह सूत्रीय ज्ञापन एपीडा सचिव को सौंपा।
कार्यक्रम में 100 से अधिक किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों, उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा कृषि निर्यात की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा की। अंत में नेत्रपाल शर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
