मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

विधानसभा क्षेत्र जुन्नारदेव के दमुआ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है। समय पर 108 एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक गर्भवती महिला को घंटों तड़पना पड़ा और अंततः अस्पताल परिसर के बाहर ही उसका प्रसव हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीचबेहरी राजढाना निवासी 28 वर्षीय रामवती भोपा को दोपहर करीब 12 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किया, लेकिन काफी देर तक वाहन नहीं पहुंचा। वाहन उपलब्ध न होने के कारण परिवार लगभग दो घंटे तक गांव में ही परेशान रहा, जिसके चलते महिला को अस्पताल पहुंचने में करीब पांच घंटे का समय लग गया।
महिला के पति दिनेश भोपा ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी उनकी पत्नी को लगभग 20 मिनट तक वाहन में ही रखा गया। इस दौरान मौजूद नर्स किसी अन्य महिला के इंतजार में रही और प्रसूता को तत्काल नहीं उतारा गया, जबकि वह लगातार दर्द से कराह रही थी। इसी बीच अस्पताल परिसर के बाहर ही महिला का प्रसव हो गया।
इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर 108 एम्बुलेंस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रसूता महिलाओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन ऐसी घटनाएं व्यवस्थागत खामियों को उजागर करती हैं।
🗣️ अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
दमुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सक डॉ. अवनी गुप्ता ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों से मरीज दूर-दराज से आते हैं, जिससे कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही गर्भवती अस्पताल पहुंची, उसे तत्काल भर्ती कर उपचार दिया गया।
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