शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लगभग 300 कर्मचारी मानव सम्पदा पोर्टल पर दर्ज गलत प्रविष्टियों के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में प्रभावित कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद को लिखित शिकायत देकर शीघ्र समाधान की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-3, गोरखपुर में बेलदार पद से 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी श्री अदालत ने परिषद को अवगत कराया कि मानव सम्पदा पोर्टल पर उनकी जन्मतिथि गलत रूप से 1 जनवरी 1995 दर्ज कर दी गई है, जबकि उनकी वास्तविक जन्मतिथि 2 जून 1965 है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि केवल जन्मतिथि ही नहीं, बल्कि अवकाश एवं अन्य सेवा संबंधी विवरणों में भी व्यापक त्रुटियां हैं, जिससे विभाग के लगभग 300 कर्मचारी प्रभावित हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
श्री अदालत ने बताया कि मानव सम्पदा पोर्टल एवं एनएसडीएल (NSDL) में हुई गलत डेटा प्रविष्टियों के कारण उनका एनपीएस भुगतान पिछले लगभग 11 महीनों से लंबित है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा लेखाधिकारी, कोषागार गोरखपुर को कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद लगातार विभाग और कोषागार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें उनका वैध भुगतान प्राप्त नहीं हो पाया है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग में मेठ पद पर कार्यरत सुभाष पांडेय भी गलत प्रविष्टियों के कारण सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिदिन कार्यालय और कोषागार के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के 30 दिनों के भीतर सभी देयकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण कर्मचारी परेशान हैं।
रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने विभागीय अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर त्रुटियों को ठीक कराने और लंबित भुगतानों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद कर्मचारी हित में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी।
इस संबंध में सोमवार को भोजनावकाश के दौरान लोक निर्माण विभाग परिसर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन मदन मुरारी शुक्ल ने किया।
बैठक में मदन मुरारी शुक्ल, अशोक पांडेय, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनूप कुमार, अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, इजहार अली, विनीता सिंह, सूर्यवेद यादव, रामधनी पासवान, निसार अहमद सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
