नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
जलगांव जिले के पाचोरा ब्लॉक सीमा में चल रहे सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार ने कांक्रीट चोरी करने के लिए सड़क को चौड़ा करने के बजाय छोटा कर दिया है। पहुर से पाचोरा 45 किमी लंबी सड़क को सीमेंट कांक्रीट से बनाया जा रहा है। जामनेर ब्लॉक के मालखेड़ा गांव तक सड़क वर्क ऑर्डर टेंडर के अनुसार बनाई जा रही है। मालखेड़ा से पाचोरा ब्लॉक की सीमा में पाचोरा तक की 25 किमी कांक्रीट सड़क की दोनो तरफ़ की एक एक मीटर तक की साइड पट्टी को कांक्रीट के बजाय मिट्टी से बनाया गया है। दक्षिण भारत की इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा पूरे किए जा रहे इस प्रोजेक्ट में सरकार ने लोकल नेताओं को पैसे कमाने का अवसर प्रदान किया है। पुरानी डामर की सड़क उखाड़ कर बनी कांक्रीट सड़क की मिट्टी की साइड पट्टी को धंसने से बचाने के लिए मिट्टी की हि पिचिंग करी गई है। मानसून की बारिश में ये सारा भ्रष्टाचार पानी में बहने वाला है।

नेताजी ने खरीदी जमीने :
हमने पता किया तो एक बुजुर्ग ने बताया कि पाचोरा से मालखेड़ा तक सड़क के दोनो तरफ की अधिकतम जमीनें सत्तापक्ष में शामिल एक विधायक ने खरीद रखी है। यह राजमार्ग मुंबई हाईवे के नाम से पहचाना जाता है। भविष्य में जब ये रास्ता फोरलेन बनाया जाएगा तब संबंधित विधायक को जमीन अधिग्रहण के बदले में सरकार से मोटी रकम मिलेगी। पाचोरा से मालखेड़ा तक पूरा इलाका सूखे की छाया में आता है। सूखे की बात की जाए तो भुसावल ब्लॉक के साकेगाव को ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पेशे से प्रोफेसर राजेश खड़के द्वारा ग्राम पंचायत को लिखा पत्र खबर में प्रकाशित कर रहे है। राजेश का आरोप है कि ग्राम पंचायत प्रशासन बार बार जल प्रबंधन पर खर्च डालकर फंड की लूट कर रहा है और नागरिकों को पानी के लिए हफ्तों तरसना पड़ रहा है।
