पुलिस के छापे में पकड़े गए मवेशी : थ्रिल पैदा करने में गोदी पत्रकार फेल | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

बकरी ईद के ठीक पहले कुर्बानी के लिए खरीदे गए जानवरों को लेकर नाम अनाम बेनामों से मिल रही सूचनाओ सुझावों और शिकायतों के आधार पर देवेंद्र फडणवीस सरकार ने युद्ध स्तर पर कानून के पालन की मुहिम छेड़ दी है। जलगांव जिले के जामनेर में करीब 65 गाय –  बछड़ों को पुलिस ने कब्जे मे लेकर गौशाला में भर्ती करवाया है। मंगलवार की दोपहर किसी मुखबिर के इशारे पर पुराने जामनेर के मुस्लिम बहुल इलाके में दबिश दे चुके पुलिस दल-बल ने 60 – 65 मवेशियों को कब्जे में लेकर पंचनामा किया। नगर परिषद के अधिकारियों ने इस रेड में पुलिस की मदद की।

थाना प्रभारी एम एम कासार ने बताया कि 1960 के गोवंश कानून के आधार पर आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया जाएगा। तमाशबीनो की दिलचस्पी के अलावा शहर में कोई तनाव नही है। ज्ञात हो कि जब पुलिस की छापेमारी चल रही थी तब कुछ रूढ़िवादी रिटायर्ड अंकीलो और गोदी मीडिया के तत्वों ने गोमांस बरामद होने का प्रोपेगेंडा चलाने का नाकाम प्रयास किया। शहरों के बूचड़खाने किस के आशीर्वाद से चल रहे हैं इस सवाल पर नफरती चिंटूओ को सांप सूंघ जाता है।

बीते बारा सालो से चल रही सांप्रदायिक सियासत के नफ़रती खेल को समझ रही जनता में इस कार्रवाई को लेकर कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। इसी दौरान मिले इम्तियाज़ ने सूखे की यादें ताजा की। बताया कि 1974 में मराठवाड़े में पड़े सूखे से पीड़ित किसानो ने अपने मवेशी दूसरो को मुफ़्त में दे दिए जो बचाए गए। हम स्वयं पशुपालक रहे लेकिन बाद में जानवरों का महंगा इलाज़ बिगड़ते माहौल के कारण हमारे परिवार ने मवेशी पालने का व्यवसाय छोड़ दिया। फैजपुर में जानवरों की अवैध आवाजाही का आरोप लगाकर ग़रीब गाड़ी वाले को लूटने की खबर से हरकत में आए एकता संगठन ने पुलिस से संवाद किया।

पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद तेज़ी परवान चढ़ रही दक्षिणपंथी राजनीति को बुझते आला मुस्लिम नेताओं ने नरेन्द्र मोदी सरकार से मांग की है कि गाय को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय पशु घोषित कर दे। गोदी पत्रकार रिटायर्ड चाटुकार राइट विंग ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग से किनारा कर लिया है। वंचित बहुजन आघाड़ी जामनेर यूनिट ने अनुसूचित जाति के उप वर्गीकरण के विरोध में ज्ञापन सौंपा है। राष्ट्रीय जन गणना के कर्तव्य से भाग रहे टीचर्स पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर भारत रेशवाल ने CEO को लिखा पत्र खबर में प्रकाशित कर रहे हैं।

By nit

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