जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:
यह मामला Bank of Baroda की गांधी रोड, कलूपुर स्थित Ahmedabad शाखा में बने RBI करेंसी चेस्ट (मुद्रा भंडार) से जुड़ा है। यह करेंसी चेस्ट विभिन्न बैंकों को नकदी सप्लाई करने के लिए उपयोग किया जाता है।
मुख्य आरोपी
हर्षिद्द कडियार (Harsiddh Kadiyar) बैंक में जॉइंट कस्टोडियन के पद पर पिछले 15 वर्षों से कार्यरत था।
चोरी कैसे हुई?
आरोपी ने दो कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों — जुल्फिकार अंसारी (57) और उसके बेटे सुल्तान अंसारी (26) — की मदद ली।
CCTV फुटेज के अनुसार, रात करीब 9 बजे तीनों “स्क्रैप” या सफाई कार्य के बहाने करेंसी चेस्ट में दाखिल हुए। उन्होंने 500 रुपये के नोटों के 174 बंडल, जिनकी कुल कीमत लगभग 8.70 करोड़ रुपये थी, पुराने लोहे के बक्सों और कचरे के डिब्बों में भरकर ट्रॉली के माध्यम से बैंक से बाहर निकाला।
सुरक्षा कर्मियों को बताया गया कि वे स्क्रैप सामग्री बाहर ले जा रहे हैं। CCTV फुटेज में आरोपी बेहद सामान्य और आत्मविश्वास के साथ सामान ले जाते दिखाई दिए।
चोरी छिपाने की साजिश
कडियार ने RBI के e-Kuber पोर्टल पर फर्जी बैलेंस सर्टिफिकेट अपलोड कर नकदी की कमी छिपाने की कोशिश की।
उसे जानकारी थी कि CCTV फुटेज 90 दिनों बाद स्वतः डिलीट हो जाता है। इसी कारण चोरी के बाद भी वह 20 अप्रैल तक नियमित रूप से कार्यालय आता-जाता रहा। बाद में मेडिकल लीव लेकर फरार हो गया।
चोरी का पैसा कहां लगाया गया?
जांच में सामने आया कि आरोपी ने चोरी की रकम से:
• चंदखेड़ा क्षेत्र में लगभग 2 करोड़ रुपये का बंगला खरीदा।
• करीब 1 करोड़ रुपये की दुकान खरीदी।
• ट्रक और अन्य वाहन खरीदे।
• क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया।
• एक महिला सहकर्मी को मकान खरीदने के लिए 23 से 28 लाख रुपये दिए।
मामले का खुलासा कैसे हुआ?
कडियार के अचानक गायब होने के बाद बैंक की आंतरिक ऑडिट में नकदी की भारी कमी सामने आई। जांच में 500 रुपये के नोटों के 174 बंडल गायब पाए गए।
बाद में पुराना CCTV फुटेज रिकवर किया गया, जो जांच का मुख्य सबूत बना।
गिरफ्तारी और बरामदगी
मई 2026 में पुलिस ने सोला क्षेत्र से हर्षिद्द कडियार को गिरफ्तार किया। उसकी कार से लगभग 2.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।
इसके बाद दोनों मजदूरों को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिनके पास से करीब 60 लाख रुपये बरामद हुए।
अब तक पुलिस लगभग 2.80 से 2.91 करोड़ रुपये नकद तथा कई संपत्तियां जब्त कर चुकी है। पूछताछ में कडियार ने चोरी की बात स्वीकार करते हुए बताया कि वह आलीशान जिंदगी जीने के लालच में इस अपराध में शामिल हुआ।
केस की वर्तमान स्थिति
Kalupur Police Station में मामला दर्ज कर जांच जारी है। पुलिस बाकी रकम और संभावित अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
यह मामला बैंक सुरक्षा व्यवस्था और अंदरूनी मिलीभगत की गंभीर कमजोरियों को उजागर करता है, जबकि RBI करेंसी चेस्ट को अत्यधिक सुरक्षित माना जाता है।
