ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
प्रेम संबंधों में विवाद के बाद युवती की कथित बदनामी कर 5 लाख रुपये की फिरौती मांगने तथा आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देने के मामले में आरोपी नागेश बावस्कर को अचलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परतवाड़ा पुलिस स्टेशन में 4 मार्च 2026 को हनुवतखेड़ा निवासी पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी पहचान नागेश बावस्कर से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हुए और दोनों ने साथ में कई फोटो भी खिंचवाए थे।
शिकायत के अनुसार, बाद में युवती को नागेश बावस्कर की कुछ कथित बुरी आदतों की जानकारी मिलने पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी बीच 1 मार्च 2026 को पीड़िता का विवाह पुणे निवासी वैभव तायडे के साथ तय हुआ था। आरोप है कि विवाह तय होने की जानकारी मिलने पर नागेश बावस्कर ने पीड़िता की काकी को फोन कर 5 लाख रुपये की मांग की तथा शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर फोटो वायरल कर बदनाम करने की धमकी दी।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि 3 मार्च 2026 को वैभव तायडे ने उसे फोन कर बताया कि उसे नागेश बावस्कर के साथ गार्डन में खिंचवाए गए आपत्तिजनक फोटो, निजी चैटिंग तथा वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट प्राप्त हुए हैं, जिसके कारण उसने विवाह तोड़ दिया। इस घटना से उसकी सामाजिक बदनामी हुई और तय विवाह भी टूट गया।
इस शिकायत के आधार पर परतवाड़ा पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 189/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2), 78(1), 308(2), 356(2), 351(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।
मामले में गिरफ्तारी की आशंका के चलते नागेश बावस्कर ने अधिवक्ता पप्पू मोखाल के माध्यम से अचलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी तथा सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपी का मोबाइल जब्त किया जाना आवश्यक है तथा उसने पीड़िता की बदनामी कर विवाह तुड़वाया और 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी है।
वहीं आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता पप्पू मोखाल ने दलील दी कि नागेश बावस्कर आर्थिक रूप से कमजोर है तथा प्रेम संबंधों का विरोध पीड़िता के परिजनों द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी ने पीड़िता पर 3 से 4 लाख रुपये तक खर्च किए थे तथा दोनों का विवाह कराने का आश्वासन देकर उससे आर्थिक लाभ लिया गया, जिसके चलते आरोपी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने नागेश बावस्कर की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली। इस प्रकरण में अधिवक्ता पप्पू मोखाल के साथ अधिवक्ता प्रवीण तायडे, अधिवक्ता सुनील सरदार, अधिवक्ता गणेश खेलकर, अधिवक्ता सुनील दिवनाले, सौरभ डाहाके, प्रणव वानखड़े तथा श्रवण राठोड़ ने सहयोग किया।
