रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:
नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर झाबुआ में एनएसयूआई (NSUI) ने विरोध प्रदर्शन तेज़ कर दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर अपना आक्रोश जताया और प्रेसवार्ता के माध्यम से केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने कहा कि NEET परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है, जबकि भ्रष्टाचार और लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और विश्वास को तोड़ देती हैं। “छात्रों और उनके अभिभावकों ने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर पढ़ाई कराई, लेकिन बदले में उन्हें अनिश्चितता और तनाव मिला,” उन्होंने कहा।
एनएसयूआई ने केंद्र सरकार से मांग की है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग किया जाए तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराए जाने की मांग भी की गई है।
संगठन ने प्रभावित छात्रों के लिए मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता, नि:शुल्क कानूनी सहायता और आर्थिक मुआवजा देने की भी मांग उठाई है। साथ ही, यदि पुनः परीक्षा आयोजित की जाती है तो छात्रों के लिए परिवहन, ठहरने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने की बात कही गई है।
इस दौरान एनएसयूआई ने प्रभावित छात्रों की मदद के लिए टोल फ्री नंबर 9268030030 भी जारी किया है और छात्रों से आगे आकर अपनी आवाज उठाने की अपील की है।
प्रेसवार्ता और प्रदर्शन के दौरान जिलामंत्री विनोद गणावा, संगठन मंत्री अनिल भाबोर, आशीष गुंडिया सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

