इंस्पेक्टर मितौली के अमर्यादित व्यवहार पर आक्रोश, वरिष्ठ अधिवक्ता ने पुलिस पर लगाया जांच दबाने का आरोप | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

कोतवाली सदर क्षेत्र के मोहल्ला पटेल नगर कॉलोनी निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह तोमर और मितौली पुलिस के बीच उपजा विवाद गहराता जा रहा है।वरिष्ठ अधिवक्ता ने पुलिस के उच्च अधिकारियों पर लापरवाही और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगाते हुए खीरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पुलिस अपने विभागीय सहयोगियों को बचाने के लिए जांच को जानबूझकर लंबा खींच रही है।वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि उनके साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में बीते 3 अप्रैल 2026 से लगातार जांच चल रही है।पहले इस प्रकरण की जिम्मेदारी सीओ मितौली को सौंपी गई,फिर सीओ सदर और अब एडिशनल एसपी इस मामले की जांच कर रहे हैं। करीब डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।अधिवक्ता का आरोप है कि यदि थाना मितौली में लगे सीसीटीवी कैमरे और कॉल डिटेल्स की सही तरीके से निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। लेकिन खीरी पुलिस इंस्पेक्टर मितौली के विरुद्ध कार्रवाई करने से साफ बच रही है।घटनाक्रम के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह तोमर अपने पैतृक गांव संडिलवा जा रहे थे। रास्ते में उनके साथ कुछ विवाद हो गया जिसकी सूचना उन्होंने कोतवाली मितौली पुलिस को दी। आरोप है कि सूचना देने के करीब दो घंटे बाद इंस्पेक्टर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पीड़ित अधिवक्ता से घटना की जानकारी लेने के बजाय उनके बैठने के तरीके पर आपत्ति जताई। इंस्पेक्टर ने अमर्यादित लहजे में कहा कि “कुर्सी पर ऐसे बैठे हैं जैसे थाने के दरोगा हों।” कोतवाल द्वारा किया गया यह अनुचित और अमर्यादित व्यवहार अधिवक्ता के पेशे की मर्यादा के खिलाफ है।

अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश,कोर्ट जाने की तैयारी

कोतवाल के इस रवैए से जिले के अन्य अधिवक्ताओं में मितौली पुलिस के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि स्थानीय पुलिस से अब न्याय की कोई उम्मीद नहीं बची है, क्योंकि विभाग अपने अधिकारियों को बचाकर जांच प्रभावित कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि अब वे इस पूरे मामले से आईजी और डीजीपी को मिलकर अवगत कराएंगे। इसके बाद भी यदि दोषी इंस्पेक्टर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे न्याय के लिए माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि प्रकरण के सम्बन्ध में समस्त बिन्दुओं पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी द्वारा जाँच प्रचलित है शीघ्र ही जांच पूर्ण कर उचित कार्यवाही की जाएगी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version