इमरान खान, मुक्ताईनगर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
जलगांव जिला एकता संगठन की ओर से दो गंभीर घटनाओं पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए आज एक ठोस कदम उठाया गया। बरेली में चलती ट्रेन में मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी पर हुए हमले और संदिग्ध मौत के मामले में, साथ ही पुणे जिले के भोर में मासूम बच्ची के साथ हुए अत्याचार और हत्या के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया।
यह ज्ञापन आरडीसी श्रीमती वैशाली चव्हाण को जकी पटेल, मौलाना कय्यूम और एरंडोल के रहीम शेख द्वारा सौंपा गया।
दोनों घटनाओं पर कड़ा विरोध
एकता संगठन ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि बरेली की घटना में चलती ट्रेन में एक धर्मगुरु पर हमला और उनकी संदिग्ध मौत रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। वहीं भोर की मासूम बच्ची के साथ हुआ अत्याचार इंसानियत पर कलंक है। ऐसे मामलों से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
“इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा” — फारूक शेख
एकता संगठन के कोऑर्डिनेटर फारूक शेख ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा:
“अगर ऐसे गंभीर मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो हम सड़कों पर उतरकर जोरदार आंदोलन करेंगे। इंसाफ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि जनता की आवाज है।”
उन्होंने यह बात पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही।
प्रमुख मांगें
1. दोनों मामलों की एसआईटी / सीबीआई से उच्च स्तरीय जांच
2. आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई
3. संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
4. पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और न्याय दिया जाए
5. सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए
सकारात्मक रुख
एकता संगठन ने कहा कि यदि सरकार तुरंत और पारदर्शी कार्रवाई करती है, तो जनता का विश्वास बहाल होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी।
“हमारा उद्देश्य सिर्फ विरोध करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार और पीड़ितों को न्याय दिलाना है,” फारूक शेख ने स्पष्ट किया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोग
एकता संगठन के कोऑर्डिनेटर फारूक शेख के नेतृत्व में एडवोकेट आवेश शेख, आमिर शेख, सलीम इनामदार, मौलाना गुफरान, जकी पटेल, अख्तर शेख, मुजाहिद खान, वसीम शेख, रहीम शेख (एरंडोल), शेख सलीम, अनवर शेख (नशिराबाद), मजहर खान, ताहेर शेख, अनिस शाह, सईद शेख, अनवर शिकलगर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
