नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 33% आरक्षण को बताया ऐतिहासिक कदम | New India Times

मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने की खुशी में गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव और अन्य महिलाओं की मौजूदगी में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का फैसला 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय है।

शिल्पी गुप्ता ने कहा, “कल तक जो अधिकार आधी आबादी का सपना था, अब वह हकीकत बन चुका है। भारत की लंबी लोकतांत्रिक यात्रा में ये निर्णय ऐतिहासिक है। हम आधी आबादी इसका स्वागत करती हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से धन्यवाद करती हैं।”

उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 2023 को नए संसद भवन की पहली कार्यवाही में यह बिल ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के नाम से पेश हुआ। लोकसभा में 454 बनाम 2 के भारी बहुमत से और राज्यसभा में सर्वसम्मति से पास हुआ – विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा।

महानगर अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा-लोकसभा में महिलाओं की सीधी भागीदारी बढ़ने से नीतियों और फैसलों में उनकी भूमिका मजबूत होगी। जिला और ग्राम पंचायतों में पहले से ही लाखों महिलाएं देश का गौरव बढ़ा रही हैं, अब संसद तक उनका सफर आसान होगा।

उन्होंने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा, “बाबा साहब ने कहा था कि किसी समाज की प्रगति का अनुमान महिलाओं की तरक्की से लगता है। मोदी जी ने उनके सपने को सच कर दिखाया है।

शिल्पी गुप्ता ने कहा कि ‘नारी तू नारायणी’ के संकल्प के साथ 2014 से महिला सशक्तिकरण पर काम हुआ – 11 करोड़ इज्जत घर, हर घर जल, पीएम आवास में महिलाओं के नाम रजिस्ट्री, तीन तलाक से मुक्ति, उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस कनेक्शन जैसे फैसलों ने महिलाओं का जीवन बदला।


प्रेस वार्ता में बताया गया कि 13 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का सीधा प्रसारण लखनऊ स्थित महिला कल्याण विभाग के सभागार में किया गया। वहां कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।

प्रदेश के सभी जिलों में लाखों मुख्यसेविकाओं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने पीएम का संबोधन सुना। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर बिल के समर्थन में सहभागिता बढ़ाएं और जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं।

16, 17, 18 अप्रैल दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय।
पीएम के हवाले से बताया गया कि इस बिल से महिलाओं के लिए पंचायत से संसद तक का सफर आसान होगा। विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं की भूमिका और अहम हो गई है। भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक लेने जा रहा है, जो नारी शक्ति को समर्पित है।

अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को महिलाओं की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े फैसलों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

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