लखीमपुर-खीरी में बढ़ा गर्मी का प्रकोप, सीएचसी अधीक्षक ने लू से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

अप्रैल महीना आधा गुजर चुका है और इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में लगातार गर्मी बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग की ओर से कुछ इलाकों में हीटवेव (लू) की चेतावनी दी गई है तथा कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।

इसी क्रम में लखीमपुर-खीरी जिले में भी गर्मी का प्रकोप दिखाई देने लगा है। एक ओर जहां अस्पतालों में डायरिया के मामलों में तेजी आई है, वहीं तेज धूप और लू के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव भी सामने आने लगे हैं।

आम जनमानस को सतर्क रहने की जरूरत

जिले में तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आमजन से अपील की गई है कि हीटवेव के दौरान आवश्यक एहतियात बरतें, ताकि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। गर्मी और लू से बचाव बेहद जरूरी है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

गर्मी से बचाव को लेकर सीएचसी अधीक्षक की अपील

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के दिशा-निर्देशन में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेई ने आम लोगों से अपील की है कि तेज धूप और लू के संपर्क में आने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है और हीट स्ट्रोक जैसी  खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी या शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाएं और पानी पिलाएं। स्थिति गंभीर होने पर 108 या 102 एंबुलेंस सेवा पर तुरंत संपर्क करें।

स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक को मेडिकल इमरजेंसी बताते हुए लापरवाही न बरतने की सलाह दी है। गर्मी से बचाव के लिए लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने, यात्रा के दौरान पानी साथ रखने तथा ओआरएस, नींबू पानी और लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।

साथ ही बाहर के खाद्य पदार्थों से फिलहाल दूरी बनाने, तरबूज, खीरा और बेल जैसे ठंडक देने वाले फलों को आहार में शामिल करने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। बाहर जाते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

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