फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:
भीमसेना प्रमुख एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर को 5 साल पुराने आपराधिक मामले में बड़ी राहत मिली है। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्री इम्तियाज खान की अदालत ने उन्हें तथा अन्य चार प्रदर्शनकारियों को 40 हजार रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दे दी।
पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त के बीच कोर्ट में पेश हुए एसएसपी सुप्रीमो
मंगलवार को सतपाल तंवर पूरे लाव-लश्कर के साथ अदालत पहुंचे। उनके साथ निजी सुरक्षा गार्ड, पुलिस सुरक्षा, महिला बॉडीगार्ड, जितेंद्र कौशिक एडवोकेट और वकीलों की टीम, निजी सहयोगी और पर्सनल असिस्टेंट भी मौजूद थे। अदालत में पेश होने के बाद उन्हें नियमित जमानत प्रदान कर दी गई, जिससे भीम सैनिकों और समर्थकों में खुशी का माहौल छा गया।
2021 का है मामला
यह पूरा प्रकरण वर्ष 2021 का है, जब कोरोना महामारी के दौरान गांव खोल (रेवाड़ी) की एक दलित महिला के यौन शोषण के मामले में भीमसेना ने प्रदर्शन किया था। स्थानीय मीडियाकर्मी अनिल मनचंदा ने भीमसेना को सूचना दी थी कि महिंद्रा शोरूम में काम करने वाली इस दलित महिला ने न्यू कॉलोनी थाने में भौंडसी निवासी प्रिंस राजपूत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि प्रिंस राजपूत ने उसे बहला-फुसलाकर कई वर्षों तक यौन शोषण किया।
आरोपों में दुष्कर्म, अप्राकृतिक दुष्कर्म, जबरन गर्भपात, मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमान करने जैसे आरोप शामिल थे। पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी न किए जाने पर पीड़िता के आह्वान पर भीमसेना के सैकड़ों कार्यकर्ता गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने एकत्र हो गए थे।
सतपाल तंवर भी धरने पर पहुंचे
पीड़िता के बुलावे पर नवाब सतपाल तंवर भी धरनास्थल पर पहुंचे थे। उस दौरान डीसीपी दीपक साहारण की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। सभी को बसों में भरकर अलग-अलग थानों में भेजा गया।
बीमार, महिलाओं, नाबालिगों और बुजुर्गों को मानवता के आधार पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन कुल 35 कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया। सभी 35 आरोपियों को पुलिस बेल पर रिहा कर दिया गया था। चार्जशीट अदालत में जाने के बाद कुछ आरोपियों ने पहले ही अदालत से नियमित जमानत ले ली थी।
भीमसेना प्रमुख सहित आज अदालत में पेश हुए 5 आरोपी
व्हाट्सएप पर नोटिस मिलने के बाद आज भीमसेना प्रमुख सतपाल तंवर सहित पांच आरोपी अदालत में पेश हुए। सतपाल तंवर के साथ शामिल थे—
• संजय रेवाड़िया (अलवर)
• रवि बैरवा (भरतपुर)
• श्रीनिवास तंवर (विक्की), खांडसा
• कुलदीप (भिवानी)
चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट इम्तियाज खान की अदालत ने भीमसेना प्रमुख सहित सभी पांचों आरोपियों को नियमित जमानत दे दी।
बड़ा ट्विस्ट: दलित पीड़िता ने आरोपी से समझौता किया
मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब जिस दलित महिला के लिए सतपाल तंवर और भीमसेना न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे, उसी महिला ने आरोपी प्रिंस राजपूत के साथ समझौता कर लिया। पीड़िता ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से पूरा मामला क्वैश (रद्द) करा लिया है, जिससे इस प्रकरण को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
न्याय के लिए प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस केस और बाद में पीड़िता द्वारा समझौता किए जाने की स्थिति ने इस मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।
सतपाल तंवर ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि दलित समाज की पीड़िता के लिए न्याय मांगने वाले भीमसेना के कार्यकर्ता आज स्वयं आरोपी बनकर अदालत की चौखट पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भीमसेना अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की रणनीति तैयार कर रही है।
इस फैसले से भीमसेना कार्यकर्ताओं में राहत की लहर है, वहीं संगठन आगे की रणनीति बनाने में जुटा हुआ है।
