मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
ज़िला अभियोजन कार्यालय बुरहानपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी अब्दुल मलिक ने थाना गणपति नाका जिला बुरहानपुर में इस आशय का आवेदन प्रस्तुत किया था कि वह गरीब व्यक्ति होकर अल्प शिक्षित है।
आरोपीगण क्रमशः मोहम्मद हारून, मोहम्मद सादिक, मोहम्मद ज़हीर द्वारा उसे धोखा देकर ताज नगर लोधीपुरा में प्लॉट देना बताकर झूठ बोलकर की कॉलोनी के सम्पूर्ण कानूनी कार्यवाही पूर्ण बताकर तीनों आरोपगण अपने नाम से कार्ड छपवाकर कुल 216 भूखंडों में से कार्ड नंबर 31 में छपे नक्शे में दर्शित एक प्लॉट बताकर उस पर मकान बनाने हेतु प्लॉट की बिक्री के नाम पर वर्ष 2013 से 2016 तक किस्तों के रूप में 1,25,400 रुपए /- ₹ एक लाख पच्चीस हजार चार सौ रुपए मात्र) धोखे से ले लिए। जबकि उसे बाद में पता चला कि आरोपीगण द्वारा उक्त कॉलोनी के ले-आउट मंजूरी तथा डायवर्सन नहीं कराया गया और न ही नियमानुसार प्लॉट बनाए हैं।
इस प्रकार आरोपीगण द्वारा फरियादी से धोखाधड़ी कर 1,25,400/- रुपए हड़प लिए हैं। इसी प्रकार उस जैसे ही अन्य कई गरीब लोगों के साथ भी आरोपीगण द्वारा खुलेआम धोखाधडी की गई हैं, जिनके द्वारा भी पृथक पृथक आवेदन पत्र प्रस्तुत किए गए हैं। फरियादी की उक्त आवेदन पत्र के आधार पर थाना गणपतिनका के अपराध क्रमांक 83/2020 धारा 420,406,34 भारतीय दंड संहिता की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
प्रकरण में सफलतापूर्वक पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री नीरज डावर द्वारा की गई हैं। उसके पश्चात तीनों आरोपीगणों को माननीय न्यायालय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा धारा 420 भादवि मे 02-02 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000-1000 रुपए अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
