मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
बुरहानपुर में हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान और असमय वर्षा से प्रभावित किसानों की पीड़ा साझा करने हेतु विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने शुक्रवार को प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का व्यापक दौरा किया। उन्होंने ग्राम मोहद, खामनी, मालवीर सहित आसपास के कई गांवों में पहुंचकर खेतों में जाकर फसलों को हुए भारी नुकसान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया तथा किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
दौरे के दौरान श्रीमती चिटनिस ने देखा कि तेज हवाओं और तूफान के कारण खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह जमीन पर गिर गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर किसानों के मकानों की छतें, टपरें एवं अन्य संरचनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों से चर्चा कर नुकसान के पारदर्शी आंकलन के निर्देश दिए।
श्रीमती चिटनिस ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी हैं और नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पहल की जाएगी, ताकि उन्हें शीघ्र मुआवजा मिल सके और वे दोबारा खेती के लिए तैयार हो सकें।
विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बुरहानपुर कलेक्टर से चर्चा कर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे दल गठित करने की बात कह। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल पटवारी स्तर पर सर्वे करने से प्रक्रिया में विलंब होगा, इसलिए बहु-स्तरीय दल बनाकर व्यापक सर्वे कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि सर्वे कार्य में तेजी लाते हुए आरबीसी 4 के अंतर्गत प्रकरण तैयार कर किसानों को शीघ्र क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि यह समय संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय का है, और प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करना चाहिए।
इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, जिला कृषि समिति अध्यक्ष किशोर पाटिल, गुलचंद्रसिंह बर्ने, दिनकर महाजन, भगवत पाटिल एवं किरण पाटिल सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि किसान प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि वे निरंतर प्रशासन के संपर्क में रहकर यह सुनिश्चित करेंगी कि किसी भी प्रभावित किसान को राहत से वंचित न रहना पड़े।
