कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने विधानसभा में सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति का उठाया मुद्दा | New India Times

सलमान चिश्ती, रायबरेली/लखनऊ (यूपी), NIT;

कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने विधानसभा में सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति का उठाया मुद्दा | New India Times

रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने विधानसभा के में सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया। अदिति सिंह ने सदन में पूछा कि क्या प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री ये बताने की कृपा करेंगे कि प्रदेश के अधिकांश जनपदों के सरकारी विद्यालयों की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवन मरम्मत, पुताई एवं अन्य शिक्षण सामग्री के क्रय हेतु सरकार द्वारा कितनी धनराशि प्रतिवर्ष विद्यालयों को दी जाती है?

अदिति सिंह ने बेसिक शिक्षा मंत्री से पूछा कि क्या सरकार प्रदेश के विद्यालयों की संख्या एवं अधिकांश विद्यालयों की जर्जर स्थिति को देखते हुए उनकी मरम्मत, विकास एवं रख रखाव हेतु उक्त अनुदान की धनराशि में अपेक्षित बढ़ोतरी करेंगी?

कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने विधानसभा में सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति का उठाया मुद्दा | New India Times

अदिति सिंह के सवाल पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल जी ने स्वीकारा की वित्तीय वर्ष 2007-08 में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा वर्तमान में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की रंगाई-पुताई तथा छोटी-छोटी मरम्मत एवं रखरखाव के मद में रु० 7500/- प्रति विद्यालय की दर से धनराशि का प्रावधान है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल जी ने सुश्री अदिति सिंह के सवाल पर बताया की शिक्षण सामग्री के क्रय हेतु पृथक से विद्यालयों को कोई धनराशि नहीं दी जाती है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल जी ने सुश्री अदिति सिंह के सवाल पर स्वीकृति देते हुए कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की संख्या को देखते प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत एवं विकास हेतु उक्त अनुदान की धनराशि में बढ़ोतरी की योजना को प्रस्तावित करने का आश्वासन दिया।

सुश्री अदिति सिंह ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के शासनकाल में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की रंगाई-पुताई तथा छोटी-छोटी मरम्मत एवं रखरखाव के मद में रु० 7500/- प्रति विद्यालय की दर से धनराशि स्वीकृति की गयी थी। इस क्रम में उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था में सुधार हेतु पृथक से विद्यालयों को शिक्षण सामग्री के क्रय में प्रदेश सरकार से प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों हेतु अपेक्षित धनराशि की आवश्यकता है।

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